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इंजीनियर सुनील यादव ने छोड़ा आप का दामन , बने सपा के सिपाही …

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प्रदेश में भाजपा का एकमात्र विकल्प समाजवादी पार्टी: इंजीनियर सुनील यादव
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी एक बार फिर मजबूती से अपनी जमीन तैयार कर रही है। गुरुवार को इस दिशा में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में सपा का भव्य जिला कार्यालय और आवास परिसर का उद्घाटन किया।
इस ऐतिहासिक मौके पर जनता का भारी जनसैलाब उमड़ा। लेकिन जो चीज सबसे ज्यादा चर्चा में रही, वह थी इंजीनियर सुनील कुमार यादव का सपा में शामिल होना। मूलतः महराजगंज थाना क्षेत्र के यूसुफपुर निवासी सुनील यादव नोएडा में एक सफल व्यवसायी हैं और पहले गोपालपुर विधानसभा से आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।

अब उन्होंने सपा के बैनर तले राजनीतिक सफर जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और पूरे जोश के साथ कहा,

“प्रदेश में भाजपा का जवाब सिर्फ सपा है, कोई अन्य नहीं। वर्तमान सरकार झूठे वादों और खोखले नारों से जनता को गुमराह कर रही है। समाज में भय, महंगाई और बेरोजगारी का माहौल है। ऐसे में प्रदेश को इस सत्ता से मुक्ति सिर्फ समाजवादी पार्टी ही दिला सकती है।”
सुनील यादव ने आगे कहा कि वे नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के विचारों से हमेशा प्रभावित रहे हैं और अब सपा में शामिल होकर उनके सपनों को साकार करने में योगदान देंगे।

इस मौके पर सपा का जिला कार्यालय किसी रैली से कम नहीं लगा। कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह था। कार्यालय की आभा, सजावट और अखिलेश यादव की उपस्थिति ने पूरे माहौल को चुनावी रंग में रंग दिया। पार्टी ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया कि 2027 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।
सुनील यादव ने भाजपा सरकार पर भी करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का दावा करने वाली सरकार अब तक लाखों नौकरियों के विज्ञापन तो छोड़िए, परीक्षाएं भी ठीक से नहीं करा पाई। किसान बदहाल है, व्यापारी परेशान है और कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
उन्होंने भरोसा जताया कि सपा ही ऐसी पार्टी है जो सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर ईमानदारी से काम करती है।
सुनील यादव का सपा में शामिल होना केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी है। यह स्पष्ट करता है कि समाज के शिक्षित, जागरूक और व्यवसायिक वर्ग का झुकाव अब समाजवादी पार्टी की ओर हो रहा है।

अखिलेश यादव की मौजूदगी में यह शामिल होना, 2027 के लिए सपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी अब नए चेहरों और युवाओं को तरजीह देकर भाजपा के खिलाफ एक मजबूत जनाधार तैयार करना चाहती है।
रिपोर्ट: CIB इंडिया न्यूज़, आजमगढ़

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