आजमगढ़ जिले के तरवा थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव की रहने वाली रामदुलारी (54) की बीती रात अज्ञात हमलावर ने पत्थर से कूचकर बेरहमी से हत्या कर दी। महिला छत पर मच्छरदानी लगाकर सो रही थी। बुधवार सुबह जब उनके पति अगस्त तिवारी ड्यूटी से लौटे तो दरवाजा बंद मिला, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
अगस्त तिवारी तरवा थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 7 बजे जब वे घर लौटे, तो दरवाजा बाहर से भी बंद था और अंदर से भी। बेटा घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। जब दरवाजा नहीं खुला तो वह पड़ोसी की सीढ़ी से छत पर पहुंचे, जहां पत्नी खून से लथपथ हालत में मृत पड़ी थीं। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और मच्छरदानी एक तरफ पड़ी थी। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। घटनास्थल से पत्थर और खून के नमूने एकत्र किए गए हैं।
मृतका के पति अगस्त तिवारी ने गांव के पट्टीदार मनोज तिवारी पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने रिश्तेदार बालमोहन तिवारी की सेवा की थी, जिसके चलते बालमोहन ने अपनी संपत्ति रामदुलारी के नाम कर दी थी। इसके बाद मनोज तिवारी ने 5 लाख रुपए की मांग की थी, जिसे रामदुलारी ने ठुकरा दिया। इसी रंजिश में हत्या की आशंका जताई जा रही है।
रामदुलारी के आठ बच्चे हैं, जिनमें से पांच बेटियों की शादी हो चुकी है। दो बेटियां ननिहाल गई हुई थीं, जबकि नाबालिग बेटा घर पर ही मौजूद था।
अगस्त तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही पुलिस को मनोज की धमकियों की जानकारी दी थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे यह दर्दनाक वारदात हो गई।
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। गांव में दहशत का माहौल है।
