एसकेडी इंटर कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया मातृ दिवस, माताओं के सम्मान में गूंजे गीत और तालियाँ
जहानागंज (आजमगढ़) – क्षेत्र के धनहुआं स्थित एसकेडी इंटर कॉलेज में रविवार को मातृ दिवस बड़े ही भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर एक सांस्कृतिक उत्सव स्थल में तब्दील हो गया, जहां छात्रों और उनकी माताओं ने एक साथ मिलकर इस दिन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मातृत्व के सम्मान में गाए गए गीतों, प्रस्तुत किए गए नृत्यों और आयोजित प्रतियोगिताओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के व्यवस्थापक श्रीकांत सिंह और प्रधानाचार्य के. के. सरन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर हुई। उन्होंने मां की महत्ता और उनके आशीर्वाद को विद्यार्थियों की शिक्षा में प्रेरणास्रोत बताया। इसके पश्चात छात्रों ने मंच पर मां को समर्पित भक्ति गीत की प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
माँ के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए रंग-बिरंगे पोस्टर पूरे परिसर में लगाए गए थे, जिनमें मां के प्रति उनके प्रेम और आभार को रचनात्मक रूप में व्यक्त किया गया था। इन पोस्टरों को देखकर हर कोई ठहरकर उन्हें पढ़ता और उनकी सराहना करता नजर आया।
इसके बाद एक के बाद एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें छात्राओं ने पारंपरिक परिधान में लोकनृत्य प्रस्तुत किए तो छात्रों ने भावपूर्ण कविताएं और गीत सुनाकर अपनी माताओं के लिए प्रेम व्यक्त किया। “माँ तू कितनी अच्छी है” और “माँ मेरी ममता की मूरत” जैसे गीतों की प्रस्तुति पर कई माताओं की आंखें नम हो गईं।
माताओं के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
माताओं के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा भर दी। ‘म्यूजिकल चेयर’, ‘स्वाद पहचानो’, ‘मेहंदी रचाओ’, और ‘बेस्ट ड्रैस्ड मदर’ जैसी गतिविधियों में माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान हँसी-ठिठोली और बच्चों की तालियों से माहौल और भी खुशनुमा बन गया।
प्रतियोगिता की विजेता माताओं को व्यवस्थापक श्रीकांत सिंह और प्रधानाचार्य के. के. सरन द्वारा स्मृति चिन्ह और पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के समय बच्चों की खुशी देखने लायक थी, जब वे अपनी माताओं को मंच पर सम्मानित होते देख रहे थे।
प्रेरणादायक वक्तव्य और भावुक पल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवस्थापक श्रीकांत सिंह ने कहा, “माँ केवल एक शब्द नहीं, संपूर्ण सृष्टि की जननी है। उनका त्याग, ममता और सेवा अद्वितीय है। वे जीवन की पहली गुरु होती हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी मां के संघर्षों को पहचानें और हमेशा उन्हें सम्मान दें।
प्रधानाचार्य के. के. सरन ने अपने वक्तव्य में कहा, “मातृत्व मानवता का सबसे पवित्र रूप है। यह दिन हमें इस प्रेम और बलिदान को याद करने का अवसर देता है। विद्यार्थी जीवन में यदि कोई सबसे बड़ी प्रेरणा है, तो वह मां है।” उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान ही समाज को आगे बढ़ा सकता है।
माताओं ने किया कार्यक्रम का सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा आयोजन उन्हें भावनात्मक रूप से बहुत करीब ले आया। कई माताओं ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने बच्चों के विद्यालय में इतना खास महसूस कराया गया।
एक माता, श्रीमती अर्चना सिंह, ने कहा, “आज मेरे बेटे ने मंच से मुझे माँ कहकर जो कविता सुनाई, वह पल मेरे जीवन के सबसे खूबसूरत क्षणों में से एक बन गया।”
कार्यक्रम की सफलता में रहा टीमवर्क का योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों की टीम का विशेष योगदान रहा। संयोजन में अनंत, राजेश, नेहा, खुश्बू और अनीता की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की, साज-सज्जा की और मेहमानों की मेज़बानी में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब बच्चों का भावनात्मक जुड़ाव शिक्षा में जुड़ जाए, तो न केवल ज्ञान बढ़ता है, बल्कि संवेदनाएं भी गहराती हैं। एसकेडी इंटर कॉलेज का यह आयोजन न सिर्फ माताओं के लिए यादगार रहा, बल्कि बच्चों के जीवन में भी मातृत्व की महत्ता को और गहरा कर गया।
