उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों के बीच जब कोई जघन्य घटना घटती है, तो आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। लेकिन जब पुलिस प्रशासन तत्परता और दक्षता से कार्रवाई करते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा देता है, तो न केवल कानून व्यवस्था में लोगों का विश्वास मज़बूत होता है बल्कि अपराधियों के मन में भी भय बैठता है। ऐसा ही एक उदाहरण आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मात्र 24 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाकर दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत कप्तानगंज पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हत्या की घटना का 24 घंटे में सफल अनावरण किया है। इस दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और हत्या में प्रयुक्त चाकू, खाली बीयर कैन, खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
घटना थाना कप्तानगंज क्षेत्र के गौरा गांव की है, जहां 2 मई को सोहराज अहमद ने अपने पुत्र फहद की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से फहद की गला, पेट और सिर पर वार कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में मुकदमा संख्या 113/2025 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पता चला कि गौरा गांव के निवासी मोहम्मद हामिद उर्फ सद्दाम और आतिफ खान इस हत्या में संलिप्त हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पहले आतिफ को छाता का पुरा हाईवे पुल के पास से और फिर उसकी निशानदेही पर हामिद को जेहरा पिपरी से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि फहद द्वारा आरोपी की बहन पर की गई टिप्पणी और आपसी विवाद हत्या की वजह बने। तीनों ने घटना से पहले बीयर पी, फिर हामिद ने चाकू से फहद की हत्या कर शव को ईंट भट्ठे के पास छिपा दिया।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया की घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया है कि हत्या का कारण व्यक्तिगत विवाद और आपत्तिजनक टिप्पणी थी। दोनों आरोपियों ने पहले शराब का सेवन किया, फिर मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने न सिर्फ मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद दी है, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश भी दिया है। अभियुक्तों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
