श्रम दिवस पर आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल में सहायक कर्मचारियों को मिला सम्मान
रिपोर्ट: CIB इंडिया न्यूज़ | स्थान: आज़मगढ़ | तिथि: 1 मई 2025
1 मई को देशभर में मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस इस बार आज़मगढ़ में कुछ खास अंदाज़ में देखने को मिला। कोटिला चेक पोस्ट स्थित आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल ने इस दिन को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए, अपने स्कूल के सहायक कर्मचारियों के लिए एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा सम्मान सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि दिल से दिए गए प्रेम और आदर से झलकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत: श्रम का उत्सव
गर्मी की सुबह में जब बच्चे सामान्यतः कक्षा की ओर बढ़ते हैं, उस दिन वे अपने हाथों में पोस्टर और बैनर लिए सांस्कृतिक मंच की ओर बढ़ रहे थे। सुबह से ही स्कूल के प्रांगण में एक विशेष उत्सव का माहौल बन चुका था।
स्कूल के प्राचार्या श्रीमती रूपल पंड्या और प्रबंधक श्री मोहम्मद नोमान की उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को औपचारिक रूप दिया गया।
श्रम दिवस की पृष्ठभूमि, उसका ऐतिहासिक महत्व और आज की दुनिया में श्रमिकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, प्राचार्या रूपल पंड्या ने अपने उद्बोधन में कहा,
“श्रम वह नींव है, जिस पर हमारी सभ्यता खड़ी है। विद्यालय के सहायक कर्मचारी हमारे विद्यालय की चुपचाप सेवा करने वाली वह शक्ति हैं, जिनके बिना हमारा शैक्षणिक ढांचा अधूरा है।”
प्रबंधक श्री मोहम्मद नोमान ने भी अपने वक्तव्य में सहायक कर्मचारियों को विद्यालय का ‘रीढ़’ बताया और उन्हें खुले दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया।
छात्रों की प्रस्तुति: कृतज्ञता का संगीत और अभिनय
इस कार्यक्रम की सबसे मार्मिक और सुंदर झलक रही विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम। छात्रों ने श्रमिकों के सम्मान में कई प्रस्तुति दीं, जिनमें गीत, नाटक, कविता और नृत्य शामिल रहे।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता: कला में छुपा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान ‘श्रम का सम्मान’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बच्चों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से श्रमिकों की महत्ता, उनकी समस्याएं और उनके योगदान को रचनात्मक रूप से चित्रित किया। एक पोस्टर में लिखा था:
“जो धूप में पसीना बहाता है, वही समाज को सजाता है।”इन पोस्टरों को स्कूल के गलियारे में प्रदर्शित किया गया, जहां सभी कर्मचारियों और आगंतुकों ने सराहना की।
कार्यक्रम का सबसे विशेष और भावुक क्षण था सहायक कर्मचारियों का सम्मान समारोह। कुल 22 सहायक कर्मचारियों को मंच पर बुलाया गया, जिनमें आया, सफाईकर्मी, चौकीदार, माली, इलेक्ट्रिशियन, और कार्यालय सहायक शामिल थे। उन्हें विद्यालय की ओर से सम्मान पत्र, उपहार और एक गुलदस्ता भेंट किया गया।
विद्यालय की प्राचार्या ने यह भी घोषणा की कि अब हर वर्ष श्रम दिवस को इसी भावना के साथ मनाया जाएगा और छात्रों के बीच श्रमिकों के प्रति संवेदना एवं आदर की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आज़मगढ़ पब्लिक स्कूल का यह आयोजन एक गहरी सच्चाई को उजागर करता है — कि शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदनशीलता और सम्मान की सीख से पूरी होती है। छात्रों के मन में यदि सहायक कर्मचारियों के लिए आदर है, तो वह समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
यह आयोजन न सिर्फ सहायक कर्मचारियों के लिए सम्मान का पल था, बल्कि समाज को यह सीख देने वाला एक अद्भुत उदाहरण भी कि श्रम सिर्फ काम नहीं, पूज्यनीय कर्म है।
