सगड़ी तहसील क्षेत्र के अराजी अजगरा, मगरवी और अचल नगर ग्राम पंचायत की दलित बस्ती में बुधवार को भीषण अग्निकांड ने तबाही मचा दी। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते 31 परिवारों के आशियानों को अपनी चपेट में ले लिया। आवासीय और गैर-आवासीय मंडई जलकर पूरी तरह राख हो गईं। घरेलू सामान, जरूरी दस्तावेज, कपड़े, बर्तन और अनाज—सबकुछ इस आग की भेंट चढ़ गया। सबसे दुखद बात यह रही कि इस हादसे में एक पड़िया समेत छह बकरियों की भी जलकर मौत हो गई।
घटना की खबर सुनते ही समाजसेवी और रमा हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अमित सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की। इस संकट की घड़ी में उन्होंने न केवल संवेदना व्यक्त की, बल्कि हर परिवार को व्यक्तिगत रूप से सहायता राशि देकर राहत पहुंचाई।
डॉ. अमित सिंह ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि इन पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सहारा मिले। ऐसे कठिन समय में उनके जीवन को सामान्य बनाने के लिए हम हरसंभव मदद करेंगे।” उन्होंने जिला प्रशासन से भी अपील की कि पीड़ितों के नुकसान का आकलन कर उन्हें यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाए।
स्थानीय लोगों ने डॉ. सिंह के इस मानवीय कदम की सराहना की और उन्हें सच्चा जनसेवक बताया। ग्रामवासी रामचरण ने कहा, “जब सब कुछ जलकर खाक हो गया और हम बेसहारा हो गए, तब सबसे पहले डॉ. साहब ही पहुंचे। उन्होंने न केवल मदद दी बल्कि हमें भरोसा भी दिलाया कि हम अकेले नहीं हैं।”
यह हादसा एक बार फिर यह संदेश देता है कि आपदाएं कभी भी आ सकती हैं, लेकिन यदि समाज के जागरूक नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें, तो कोई भी संकट असहनीय नहीं रह जाता। डॉ. अमित सिंह की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक बार फिर मानवता की मिसाल कायम की है।
