रात के अंधेरे में लगाए गए शिलापट्ट पर भाजपा का आरोप—“बाबा साहब के नाम पर सपा कर रही धांधली”
आजमगढ़, 13 अप्रैल 2025 —
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से एक दिन पहले आजमगढ़ जिले के अंबेडकर पार्क में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव के नाम का शिलापट्ट मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में लगाए जाने की सूचना मिलने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध दर्ज कराया।
यह घटनाक्रम शनिवार की शाम करीब 7 बजे का है जब भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हरवंश मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ अंबेडकर पार्क पहुंचे। उनका दावा है कि शाम को 5 बजे उन्होंने पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की साफ-सफाई की थी।
मोबाइल की रोशनी में शिलापट्ट
भाजपा नेताओं का आरोप है कि रात होते ही सपा के कुछ कार्यकर्ता दो मिस्त्रियों और दो अन्य लोगों के साथ पहुंचे और बिना किसी सरकारी अनुमति या जानकारी के पार्क में एक शिलापट्ट लगाने लगे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह सारा काम अंधेरे में, मोबाइल टॉर्च की रोशनी के सहारे किया जा रहा था, जिससे उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
हरवंश मिश्रा ने कहा, “डॉ. अंबेडकर जैसे महापुरुष के नाम पर राजनीति करना और उनका नाम बेचकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना बेहद शर्मनाक है। जिस तरह से देर रात टॉर्च की रोशनी में पत्थर लगाया जा रहा था, वह समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है।”
प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया। इसके बाद जिला उपाध्यक्ष ने तत्काल कोतवाली प्रभारी शशि मौली पांडेय को इस मामले की जानकारी दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवादित शिलापट्ट को अपने कब्जे में लेकर कोतवाली ले गई।
कोतवाली प्रभारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और शिलापट्ट को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन यह जांच करेगा कि पार्क में शिलापट्ट लगाने की अनुमति किसके द्वारा दी गई थी और क्या यह कार्य वैध था या नहीं।
भाजपा ने जताई नाराज़गी
भाजपा नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि सपा के कार्यकर्ता बाबा साहब अंबेडकर के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शिलापट्ट पर न तो निर्माण संस्था का नाम लिखा गया था और न ही निर्माण की लागत का कोई उल्लेख था, जिससे साफ होता है कि इस कार्य को चोरी-छुपे और बिना किसी वैध प्रक्रिया के अंजाम दिया जा रहा था।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरवंश मिश्रा ने कहा, “हमने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। जो लोग डॉ. अंबेडकर के नाम का उपयोग कर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए।”हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सपा कार्यकर्ता पार्क में सांसद धर्मेंद्र यादव के सहयोग से करवाए जाने वाले सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास करना चाह रहे थे। उनका दावा है कि शिलापट्ट में उन्हीं कार्यों का उल्लेख था।
राजनीतिक गरमाहट
यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेंगे। भाजपा नेताओं ने उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर इस मामले की शिकायत करने सहित कार्यवाही करने की मांग की है।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष हरवंश मिश्रा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा ऋषिकांत दुबे, नगर अध्यक्ष मृगांक सिन्हा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे। सभी ने एक सुर में सपा पर आरोप लगाया कि वह महापुरुषों के नाम पर राजनीति कर रही है।
आगे की कार्रवाई की तैयारी
भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही सपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन की राह अपनाएंगे। वहीं सपा समर्थकों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक द्वेष के कारण उठाया जा रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी पार्क या सार्वजनिक स्थल पर शिलापट्ट को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई बार नेताओं द्वारा व्यक्तिगत नामों के शिलापट्ट लगाने को लेकर राजनीति गरमाई है।आजमगढ़ के अंबेडकर पार्क में शुरू हुआ यह विवाद महज एक शिलापट्ट से कहीं अधिक बन गया है।
रिपोर्ट : वसीम अकरम
