रिपोर्ट – मो० शकेब अंसारी
आजमगढ़। मुबारकपुर थाने की पुलिस ने रेशम नगरी के गंगा-जमुनी तहजीब को ठेस पहुंचाते हुए कस्बे को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश करने वाले साजिशकर्ता को शनिवार की सुबह गिरफ्तार किया है।
मुबारकपुर कस्बे के पूरा रानी मोहल्ला निवासी यासिर अरफात पुत्र इरशाद अहमद ने शुक्रवार की शाम पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि कस्बे के पूरा खिजीर मुहल्ला स्थित एक हास्पिटल के पास बाइक से आए दो नकाबपोश व्यक्ति उसे रोके और धर्म विशेष टिप्पणी करते हुए पीड़ित की दाढ़ी पकड़कर उसे मारा पीटा। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उस पर चाकू से प्रहार किया, जिससे उसका कुर्ता फट गया तथा मोबाइल क्षतिग्रस्त हो गई। पीड़ित का कहना था कि दोनों व्यक्ति माथे पर चंदन लगाए थे और हाथ में कड़ा पहन कर मुंह को लाल रंग के गमछे से ढके हुए थे। घटना की जानकारी पाकर मुबारकपुर कस्बा चैकी प्रभारी उपनिरीक्षक रत्नेश कुमार दुबे अपने सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया। सीसी कैमरे में इस संबंध में कोई तस्वीर नजर नहीं आई तो पुलिस के माथे पर बल पड़ गए। पुलिस ने पीड़ित को थाने पर बुलाकर उससे पूछताछ शुरू की। इस दौरान पीड़ित बने यासिर ने पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों में उलझ कर सारी हकीकत बयां कर दिया। उसने बताया कि 5 महीने पहले उसने कस्बे के ही रहने वाले एक व्यक्ति से कुछ रुपए उधार लिए थे। रुपए देने वाला व्यक्ति अब उस पर पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाने लगा। भुगतान करने में असमर्थ पाकर यासिर ने कस्बे को दंगे की आग में झोंकने की साजिश रच झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। सारी हकीकत जानने के बाद पुलिस ने कस्बे के धार्मिक व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले आरोपी यासिर को शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की गई है।
