उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में शुक्रवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में 8 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा वाराणसी-गाजीपुर-गोरखपुर फोरलेन पर नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसम्ही कलां गांव के पास हुआ। हादसे का कारण पिकअप गाड़ी का डाला टूटना बताया जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी प्रयागराज से स्नान कर अपने गांव लौट रही थी। पिकअप का डाला अचानक टूट गया, जिससे उसमें बैठे लोग संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने इन श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस दर्दनाक घटना में 8 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घायलों की स्थिति
इस हादसे में कुल 27 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकांश घायलों को पहले सीएचसी गगहा पहुंचाया गया, जहां से 17 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को गोरखपुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का इलाज सीएचसी गगहा में चल रहा है।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए प्रशासन ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
जांच के आदेश
प्रशासन ने हादसे के कारणों की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पिकअप गाड़ी में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे वाहन का डाला कमजोर हो गया और टूट गया। प्रशासन ने इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने की बात कही है।
परिवारों का दर्द
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की देखरेख की अनिवार्यता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग और खराब रखरखाव वाले वाहनों के कारण इस तरह के हादसे अक्सर होते हैं। प्रशासन और परिवहन विभाग को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों की अपील
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि इस क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए और भारी वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएं। इसके अलावा, यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और केवल मानकों के अनुसार ही वाहनों का उपयोग करना चाहिए।
मृतकों की सूची
प्रशासन ने मृतकों की पहचान कर ली है और उनके नाम जारी कर दिए हैं। सभी मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे और प्रयागराज में स्नान के लिए गए थे। मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की जा रही है कि वे हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करें और वाहन की क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं।
गाजीपुर जिले में हुई इस दुर्घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता के लिए भी एक सबक है। हमें अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हमेशा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।
