बांदा जिले में किन्नर गैंग का चौंकाने वाला मामला: कैटरीना-मधु का गैंग बेरोजगारों को बना रहा है किन्नर…!
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें किन्नर गैंग द्वारा गरीब और परेशान हाल युवाओं को बहला-फुसला कर और पैसे का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया जाता है। इन गैंग के सदस्य उन युवाओं को कानपुर ले जाकर उनका जबरन ऑपरेशन करवा कर उन्हें किन्नर बना देते हैं। अब तक इस गैंग ने बांदा जिले के लगभग एक दर्जन युवाओं को अपना शिकार बना लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घटना बांदा जिले के अतर्रा थाना क्षेत्र की है, जहां के कुछ पीड़ित युवकों ने पुलिस के पास पहुंचकर इस किन्नर गैंग के काले करतूत का खुलासा किया। इन युवाओं में से एक खुशबू उर्फ शिवकांत और शिवम ने बताया कि वे किन्नर गैंग से भाग कर पुलिस के पास पहुंचे और अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई। इन युवाओं के अनुसार अतर्रा क्षेत्र में दो प्रमुख किन्नर गैंग हैं—एक गैंग का नाम है कैटरीना और दूसरे का नाम मधु है। ये गैंग गरीब युवाओं को पैसे का लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं और कानपुर में उनका ऑपरेशन करवा देते हैं, जिससे वे किन्नर बन जाते हैं। जब वे इसका विरोध करते हैं, तो इन गैंग के सदस्य उनके साथ मारपीट करते हैं।
जबरन ऑपरेशन करवा कर किन्नर बनाने की प्रक्रिया
इन युवाओं के अनुसार, किन्नर गैंग के सदस्य उन्हें इस जाल में फंसा कर कानपुर में ले जाते हैं और वहां के गंगा हॉस्पिटल या स्वाति हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन करवा देते हैं, जिससे उनकी पहचान पूरी तरह बदल जाती है। ऑपरेशन के बाद युवाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन किया जाता है, जिससे वे किन्नर बन जाते हैं। इस ऑपरेशन को करने वाले डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के बारे में भी जांच की जा रही है।
पीड़ितों की कहानी: नौशाद अली का दर्द
नौशाद अली उर्फ जाह्नवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वह बिसंडा की रहने वाली हैं और आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर चुकी हैं। उन्हें संगीत का शौक था और वह कई कार्यक्रमों में गाना गाती थीं। इसी दौरान किन्नरों के गैंग ने उन्हें देखा और अपने जाल में फंसाने के लिए उन्हें पैसे का लालच दिया। नौशाद ने बताया कि वे पहले ही घर में पैसों की तंगी से जूझ रही थीं, इसलिए उन्होंने इन लोगों की बातों में आकर उनके साथ जाने का फैसला किया। इसके बाद उन्हें कानपुर ले जाकर गंगा हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन करवा दिया गया और लिंग परिवर्तन कर दिया गया। यह घटना 2015 की है, तब से वह गैंग के साथ ही हैं।
एजेंट की भूमिका: पीयूष द्विवेदी की साजिश
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि किन्नर गैंग, कैटरीना और मधु, कानपुर के गंगा हॉस्पिटल और स्वाति हॉस्पिटल में इन युवाओं का ऑपरेशन करवाती हैं। इन अस्पतालों में इनका एक एजेंट भी है, जिसका नाम पीयूष द्विवेदी है। पीयूष ऑपरेशन और हार्मोन चेंजिंग दवाइयों की सेटिंग करता है। इस तरह से किन्नर गैंग के लोग अस्पतालों में बिना किसी कानूनी रोक-टोक के ऑपरेशन करवाते हैं और युवाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण करते हैं।
पुलिस की जांच और आरोपियों की तलाश
इसके अलावा यह भी जानकारी मिली है कि इन गैंग के सदस्यों की अतर्रा थाने में भी सेटिंग है और दोनों गैंग के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थाने में की जा चुकी हैं, जिन्हें दबा दिया गया था। पुलिस ने अब इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है। अतर्रा क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार ने इस घटना की जानकारी दी और बताया कि पीड़ितों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।
प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस पूरी तत्परता से इस गैंग के सदस्यों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती है, क्योंकि इसमें किन्नर गैंग के अलावा अस्पतालों और स्थानीय पुलिस के कुछ लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।
शिकायतों का दबाया जाना: क्या है इसके पीछे का सच?
यह भी खुलासा हुआ है कि इस गैंग के खिलाफ पहले भी शिकायतें थाने में की जा चुकी थीं, लेकिन पुलिस ने उन शिकायतों को दबा दिया। यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने में जानबूझकर ढील दे रही थी? क्या कुछ लोगों की मिलीभगत के कारण यह गैंग इतना सक्रिय हो सका था? यह सभी सवाल अब जांच का विषय बन चुके हैं।
नैतिक और कानूनी पहलू
इस मामले में जहां एक तरफ युवाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह भी सवाल उठता है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन क्या कदम उठा रहे हैं। किन्नर समुदाय का शोषण करना न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह कानून की भी सख्त अवहेलना है।
आखिर क्या है किन्नर गैंग का उद्देश्य?
किन्नर गैंग का उद्देश्य सिर्फ लिंग परिवर्तन तक सीमित नहीं है। यह गैंग आर्थिक लाभ के लिए युवाओं का शोषण करती है। यह गैंग उन युवाओं को अपना शिकार बनाती है जो पहले से ही गरीबी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं। गैंग के सदस्य इन युवाओं को पैसे का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और फिर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करते हैं।
समाज और प्रशासन को जागरूकता की आवश्यकता
इस मामले के सामने आने के बाद, यह जरूरी हो गया है कि समाज और प्रशासन इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूक हो और किसी भी किन्नर गैंग या शोषणकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों को इस बात का अहसास होना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में उनका शारीरिक या मानसिक शोषण स्वीकार्य नहीं हो सकता।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुए इस किन्नर गैंग के मामले ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें इस प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और प्रशासन को भी इस दिशा में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आरोपियों को पकड़ पाती है या नहीं, और क्या इस प्रकार की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सकेगा।
