Breaking News

बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की पेशी पर भारी सुरक्षा, प्रदेश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप…

Spread the love

आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के नेता और फूलपुर पवई से विधायक रमाकांत यादव को बृहस्पतिवार की सुबह भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच फतेहगढ़ जेल से आजमगढ़ लाया गया। उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट और गैंगस्टर कोर्ट में पेश किया गया, जहां जहरीली शराब कांड सहित अन्य मामलों में सुनवाई हुई। पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रमाकांत यादव ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। उन्होंने जेल में अमानवीय व्यवहार का भी मुद्दा उठाया।

जहरीली शराब कांड में बयान दर्ज

एमपी-एमएलए कोर्ट में रमाकांत यादव की पेशी जहरीली शराब कांड से जुड़ी थी, जिसमें माहुल इलाके में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में रमाकांत यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के दौरान उन्होंने अपनी सफाई पेश की और कहा कि यह मामला राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है, लेकिन सरकार उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत पेशी

जहरीली शराब कांड के अलावा रमाकांत यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत भी पेशी का सामना करना पड़ा। गैंगस्टर कोर्ट में पेशी के बाद रमाकांत यादव ने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता के दुरुपयोग से विपक्ष के नेताओं को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारे खिलाफ फर्जी मुकदमे बनाए जा रहे हैं। यह सरकार का दमनकारी रवैया है। लोकतंत्र में विरोधी स्वर को दबाना अलोकतांत्रिक है।” उन्होंने समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं जैसे आज़म खान और सोलंकी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।

जेल में अमानवीय व्यवहार का आरोप

रमाकांत यादव ने जेल में अपने स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, “जेल में हमें न तो ठीक से दवाइयां दी जाती हैं और न ही भोजन-पानी की उचित व्यवस्था की जाती है।” उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज की सुविधा न मिलने के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, “आज यदि कोई आदेश आता है, तो शायद हमें कुछ राहत मिलेगी।”

जैसे ही रमाकांत यादव मीडिया से बातचीत कर रहे थे, पुलिसकर्मियों ने मीडिया कर्मियों को दूर हटाने की कोशिश की। इसके बावजूद विधायक ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का यह प्रयास सफल नहीं होगा।

राजनीतिक करियर पर असर

रमाकांत यादव का राजनीतिक करियर विवादों से भरा रहा है। वह समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता हैं और फूलपुर पवई से विधायक के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले वह सांसद भी रह चुके हैं। हाल के वर्षों में उनके खिलाफ दर्ज हुए मामलों ने उनके राजनीतिक सफर को झटके दिए हैं।

सत्ताधारी दल पर निशाना

रमाकांत यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार सत्ता में बने रहने के लिए लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारे ऊपर लगाए गए मुकदमे राजनीति से प्रेरित हैं। यह जनता का ध्यान भटकाने और वास्तविक मुद्दों से मुंह मोड़ने का एक तरीका है।” उन्होंने न्यायपालिका में विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।

समर्थकों में रोष

रमाकांत यादव की पेशी के दौरान उनके समर्थक कोर्ट के बाहर भारी संख्या में जुटे रहे। समर्थकों में सरकार के खिलाफ गुस्सा साफ दिखाई दिया। उन्होंने सरकार के दमनकारी नीतियों की आलोचना करते हुए नारेबाजी की। कई समर्थकों ने कहा कि रमाकांत यादव हमेशा गरीब और कमजोर वर्ग के हितों के लिए लड़ते आए हैं, और यह मुकदमे उन्हें दबाने की साजिश हैं।

निष्कर्ष

रमाकांत यादव का यह मामला प्रदेश में कानून व्यवस्था और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर एक नई बहस छेड़ सकता है। उनके आरोपों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं, और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि रमाकांत यादव को न्याय मिलता है या राजनीतिक संघर्ष और तेज होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial