आजकल योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सपा के गढ़ आजमगढ़ में डेरा डाले हुए हैं . सपा ने आजमगढ़ के जिस जगह से अपनी बुनियाद मजबूत की , उस जगह पर ओम प्रकाश राजभर की निगाहें जम गयी हैं . आगामी पंचायती चुनाव और 2027 के विधान सभा चुनाव में आजमगढ़ में राजभर अगर कोई बड़ा उलटफेर कर दें तो हैरानी नहीं होगी ..क्यों कहा जाता है कि अगर मेहनत जमकर और दिल से की जाए तो परिणाम अवश्य निकल कर आता है …इसी बात को अमलीजामा पहनाने के लिए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में बुधवार को राष्ट्रीय कमेटी की बैठक में शिरकत की। इस बैठक में उन्होंने पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति साझा की और विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि बैठक में सभी राष्ट्रीय नेताओं को मंडल स्तर की जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें आजमगढ़ मंडल की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य प्रत्येक विधानसभा में ग्राम सभा से लेकर बूथ स्तर तक कम से कम 5000 नेताओं की टीम तैयार करना है। इसके लिए हर स्तर पर संगठन को सुदृढ़ किया जा रहा है।”
राजभर ने कहा कि निरीक्षण भवन का निकटता के कारण यहां चार से पांच विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता आसानी से एकत्रित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नेताओं को संगठन के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली को समझाने के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा, “विपक्ष के लोग परेशान हैं, और हम चाहते हैं कि वे और परेशान हों।” पार्टी बदलने के सवाल पर राजभर ने अपने बचाव में कहा कि राजनीतिक दल बदलने का आरोप केवल उन पर लगाना उचित नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सपा ने नौ बार, कांग्रेस ने दस बार, और बसपा ने 11 बार राजनीतिक समीकरण बदले हैं, लेकिन उन पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। हमने तो केवल दो बार ऐसा किया है।”
अमित शाह के अंबेडकर वाले बयान पर बोलते हुए राजभर ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को कभी उचित सम्मान नहीं दिया। “कांग्रेस ने बाबा साहब को भारत रत्न देने में देरी की और उन्हें दो बार चुनाव हरवाया। यही पार्टी उनके अधिकारों के लिए बनाई गई योजनाओं को लागू करने में असफल रही।”
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण खत्म करके सपा ने लाखों लोगों को बर्बाद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने बाबा साहब के नाम पर बनी योजनाओं को खत्म किया, जिससे दलित और पिछड़े वर्गों को नुकसान हुआ।
इस बैठक ने न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया बल्कि राजभर के तीखे बयानों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।
