रिपोर्ट – दीपक सिंह
आजमगढ़ :- जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला पर आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर बृहद स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन अभिषेक सिंह बॉबी ने फीता काटकर किया लेकिन यह स्वास्थ्य मेला आशा कार्यकर्ताओं के धरने का शिकार हो गया जिससे गरीब असहाय लोग लाभ लेने से वंचित रह गए बृहद स्वास्थ्य मेले के माध्यम से एक ही स्थान पर ज्यादा से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क रूप से किया गया होता मरीजों को उचित परामर्श उनकी जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई होती जिससे गरीब एवं असहाय लोगों को स्वास्थ संबंधित काफी मदद मिलती जिससे उनका समय एवं धन दोनों की बचत होती लेकिन आशा कार्यकर्ताओं के धरने की वजह से यह साथ मेला बहुत सफल नहीं हुआ अस्पताल पर मरीजों की कमी दिखी अगर आशा कार्यकर्ताओं ने धरना ना देकर मेले को सफल बनाने के उद्देश्य से कार्य किया होता तो शायद ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित होते आशा बहुओं ने अगर अपने अपने गांव में प्रचार प्रसार किया होता सबको जानकारी दी होती तो शायद काफी संख्या में लोग मेले में आकर स्वास्थ्य परीक्षण कराते एवं लाभान्वित होते लेकिन धरने के कारण क्षेत्र की जनता गरीब एवं असहाय लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में नहीं आ पाये इस संबंध में जब आशा कार्यकर्ताओं से बात हुई उन्होंने बताया कि कार्यरत आशा कार्यकत्री आज अधिकारियों की लापरवाही से भुखमरी की कगार पर पहुंच चुकी है सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ता ने कार्य बहिष्कार कर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र अहिरौला पर अपने मानदेय एवं 6 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया स्वास्थ्य विभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में बागडोर संभाल रही आशा कार्यकर्ती मानदेय न मिलने से परेशान हैं स्वास्थ्य विभाग की सबसे पहली कड़ी आशा बहूएं मानी जाती हैं गर्भवती महिलाओं एवं गर्भ धात्री महिलाओं को समय समय से समुचित जानकारी देकर टीके लगवाती हैं मामूली वेतन पर जी तोड़ मेहनत करने वाली आशा बहूएं प्रशासन की लापरवाही की शिकार हैं इन दिनों आशा बहूएं अधिकारियों एवं प्रशासन की लापरवाही से भुखमरी की कगार पर आ गई हैं कई महीनों से किए गए परिश्रम का पारिश्रमिक भुगतान उनका नहीं हो पाया है आशा बहुओं ने कई बार लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर उच्च अधिकारियों से भुगतान को लेकर गुहार लगाया लेकिन अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं आज सैकड़ों की संख्या में बृजबाला सिंह के नेतृत्व में आशा बहुओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला पर धरना प्रदर्शन किया और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शुक्रवार तक हमारे मानदेय एवं छह सूत्री मांगों को नहीं माना गया तो हम आशा बहुएं अपने कार्यों को बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे और भूख हड़ताल भी करेंगे जिससे अहिरौला क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला की आशा बहुओं ने सीएमओ आजमगढ़ को ज्ञापन देते हुए पान 6 महीने किए गए परिश्रम की पारिश्रमिक दिलाए जाने की मांग की है आशा बहुओं द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के समस्त कार्यों को हमारे द्वारा कराया जाता है लेकिन हमारे कार्य के प्रति मिलने वाले पैसे का भुगतान समय से विभाग नहीं कर पाता है हम लोग तंगहाली एवं अर्थहीन हो जाने के कारण परेशान हो जाते हैं आशा बहुओं ने कहा कि आज सैकड़ों की संख्या में हम आशा बहुएं जीवित्पुत्रिका व्रत है व्रत रहते हुए भी आज इस कड़ी धूप में घरों से आकर धरना प्रदर्शन करना पड़ा जिससे हमारा खुद स्वास्थ्य बिगड़ सकता है स्वास्थ विभाग के अधिकारी हमारे इस समस्या के प्रति थोड़ा भी ध्यान नहीं देते हैं अगर जल्द ही हमारे समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरी बस हम सभी कार्य करना बंद कर देंगे हम लोगों को अपने जेवर बेचकर एवं ब्याज पर पैसा लेकर जीवन यापन करना पड़ता है अगर विभाग समय से हम लोगों के पारिश्रमिक का भुगतान कर देता तो हम लोग अपनी जीविका सुचारू रूप से चला सकते हैं लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण हम लोगों को ब्याज पर पैसे लेकर जीवन यापन करना पड़ता है इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर योगेश गौतम ने कहा कि जल्द से जल्द इन आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान किया जाएगा हमारे यहां से जो भी करवाई थी हमने पूरा कर जिले पर प्रस्तुत कर दिया है बैंक द्वारा क्लियर हो जाने पर सभी आशा कार्यकर्ताओं की खातों में शुक्रवार तक उनका पारिश्रमिक पहुंच जाएगा
