महीने दिन बाद भी मौर्य दंपत्ति की पुलिस नहीं सुलझा पाई मर्डर मिस्ट्री
आजमगढ़ :- ज़रा सोच कर देखिये जिस डबल मर्डर मिस्ट्री में uttar प्रदेश के डिपटी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने खुद हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित के घर पहुँचकर हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने का निर्देश दिया हो …और एक महीना बीत जाने के बाद भी अगर पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग न लगा पायी हो तो दूसरे मामले को कैसे निपटाती होगी , ये सोचने की ज़रुरत नहीं है .
हालाँकि हत्या का पटाक्षेप करने के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई गई है हालांकि घटना दो थानों के बीच में घूम रही हैं कोतवाली में अंबारी क्षेत्र में हत्या कर फेंका पाया गया था वही अहरौला थाना परिजनों द्वारा अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
बात करें अगर मामले की तो 16जून को पारा गांव निवासी मौर्य दंपत्ति की निर्मम हत्या कर शव को अंबारी जनता इंटर कॉलेज के पास फेंका हुआ पाया गया था …इसके बाद डिपटी सीएम केशव प्रसाद मौर्या लोकसभा चुनाव के दौरान आजमगढ़ आये तो सीधा पीड़ित परिजनों से मिलने पहुँच गए . और उन्होंने न्याय का भरोसा दिलाया .
अगर देखा जाए तो मामला सियासी रंग पकड़ने लगा ….ये कहना गलत नहीं होगा …. केशव प्रसाद मौर्या मृतक दंपत्ति के स्वजातीय ठहरे , शायद इसलिए सपा के विधान परिषद सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य और क्षेत्रीय विधायक रमाकांत यादव के बाद खुद डिप्टी सीएम केशव मौर्या भी मौर्य दंपत्ति के घर पारा पहुंचे थे…
हालाँकि मौर्य दंपति के साथ हुई घटना में स्वामी प्रसाद मौर्य और क्षेत्रीय विधायक रमाकांत यादव ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे और तत्काल दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी …लेकिन लगता है कि सियासत सिर्फ अपने लिए चर्चा चाहती है , न्याय से उसे क्या मतलब , नहीं तो शायद आज हत्यारे सलाखों के पीछे होते ….
हालाँकि कि पुलिस कोशिश तो कर रही है , लेकिन इन कोशिशों का फिलहाल कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है ..
