आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया गांव में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के पिता ने गांव के ही एक युवक पर कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पारा फुलवरिया गांव निवासी सरिता गौड़ (18) पुत्री सुरेश गौड़ की बुधवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि भोर के समय करीब तीन बजे कुछ लोग युवती को उसके घर के सामने छोड़कर चले गए। जब घरवालों की नजर युवती पर पड़ी तो वह अचेत अवस्था में पड़ी थी। परिवार के लोगों ने उसे संभालने और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर सीधे अहरौला थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। स्थानीय लोगों के अनुसार घटनास्थल के पास एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल और संदिग्ध पदार्थ भी बरामद हुआ है। इसके बाद से यह आशंका जताई जा रही है कि युवती को कोल्ड ड्रिंक में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया हो सकता है।
मृतका के पिता सुरेश गौड़ ने पुलिस को दी तहरीर में गांव के ही दिलीप कुमार (32) को नामजद करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी ने उनकी बेटी को रात में मिलने के लिए बुलाया था और वहीं कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी युवती को उसके घर के सामने छोड़कर फरार हो गया।
पीड़ित पिता ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में आरोपी के खिलाफ उनकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में विचाराधीन है। परिजनों का कहना है कि उस मामले की सुनवाई जल्द होने वाली थी।
इस संबंध में अहरौला थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि युवती की मौत के मामले में पिता की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
