फतेहपुर। मेडिकल कालेज के प्राचार्य राजपाल सिंह ने मंगलवार सदर अस्पताल का दौरा किया। उन्हें अस्पताल के सीनियर फिजीशियन के चैंबर में बैठे मिले आयुष चिकित्सक को संदिग्ध मिलने पर पुलिस बुला ली। हालांकि बाद में पता चला कि वह कोई बाहरी न होकर अनुमति मिलने के बाद प्रेक्टिस पर आए आयुष चिकित्सक हैं। प्राचार्य ने ज्वाइनिंग का प्रमाण पत्र नहीं दिखा सकने पर आयुष चिकित्सक की प्रेक्टिस की अनुमति निरस्त कर दी। उधर, प्राचार्य के निरीक्षण से दलाल से घिरे रहने वाले चिकित्सकों के चैंबर खाली हो गए।
पहले केंद्रीय राज्यमं़त्री साध्वी निरंजन ज्योति फिर जिले के प्रभारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री से शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कालेज के प्राचार्य राजपाल सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रामा सेंटर से लेकर ओटी तक का हाल जाना। ओपीडी में फिजीशियन डा. एनके सक्सेना के चैंबर पर एक संदिग्ध दिखा। जिस पर उन्होंने पुलिस बुला ली। जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में अफसर ने सवाल दागे तो वह सकपका गया। बाद में बताया कि वह आयुष चिकित्सक भरत श्रीवास्तव हैं। उन्हें छह महीने की यहां पर प्रेक्टिस की अनुमति मिली हुई है। इस पर प्राचार्य ने उससे ज्वाइनिंग प्रमाण पत्र मांगा, जो वह नहीं दिखा पाया। इसी बिना पर आयुष चिकित्सक की प्रेक्टिस का अनुमति पत्र निरस्त कर दी। निरीक्षण के दौरान ओटी में बाहरी तो कोई नहीं मिला अलबत्ता उन्होंने चेतावनी जरूर दे दी। साफ कहा कि बाहरी व्यक्ति दिखने पर पुलिस बुलाकर कार्रवाई कराई जाए। उधर, जिस वक्त प्राचार्य ने अस्पताल में कदम रखा, करीब बीस फीसद चैंबर में बाहरी दखल बरकरार था जो पल भर में गुम हो गया। बाहरी दखल पर अपफसर का तल्खी देखकर पूरी ओपीडी के दौरान दलाल नदारद रहे।
