विधानसभा में अतरौलिया विधायक डॉ. संग्राम यादव का तीखा सवाल, पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर उठाए गंभीर प्रश्न
उत्तर प्रदेश विधानसभा में शीत कालीन सत्र में अपने बेबाक बयानों से जनता के मुद्दों को सरकार के सामने रखने वाले अतरौलिया से समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. संग्राम यादव ने इस बार अपने क्षेत्र की जर्जर सड़कों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र और उससे पहले बजट सत्र में नियम-51 के तहत उन्होंने कप्तानगंज–अहरौला मार्ग और सिकंदरपुर–नरिया मार्ग की बदहाल स्थिति को सदन के पटल पर रखा था। दोनों मार्ग अत्यंत जर्जर थे और इनके चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण की तत्काल आवश्यकता थी।
डॉ. संग्राम यादव ने सदन में बताया कि इन सड़कों को लेकर क्षेत्र में भारी जनआक्रोश था। जनता की मांग को लेकर उन्होंने पदयात्रा की, जन आंदोलन किया और बार-बार सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध किया। विधायक ने मुख्यमंत्री और सदन की पीठ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार किया और दोनों मार्गों को स्वीकृति दी गई, जिससे क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत मिली।
हालांकि इसके बाद विधायक ने पीडब्ल्यूडी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पीडब्ल्यूडी की कई सड़कें आज भी बेहद जर्जर स्थिति में हैं। इसका मूल कारण यह है कि विभाग को हजारों करोड़ का बजट मिलने के बावजूद मात्र 32 प्रतिशत ही खर्च किया जा सका। जब बजट का समुचित उपयोग ही नहीं होगा तो ग्रामीण सड़कों की हालत कैसे सुधरेगी?
डॉ. संग्राम यादव ने बताया कि आजमगढ़ में जिलाधिकारी द्वारा बुलाई गई बैठक में विधायकों से प्राथमिकता तय कर प्रस्ताव देने को कहा गया था। इसके तहत उन्होंने लगभग 100 ग्रामीण सड़कों का प्रस्ताव तैयार कर सौंपा…… उन्होंने कहाकि इन सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ मार्गों के टेंडर होने के बाद दबाव में आकर उन्हें निरस्त कर दिया गया, जिससे जनता को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर की गई कुछ टिप्पणियां विधायकों और विधायिका की गरिमा के खिलाफ हैं।
अंत में डॉ. संग्राम यादव ने मंत्री से संवेदनशीलता दिखाने की अपील करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र की समस्याओं को उठाना उनका अधिकार और दायित्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और मंत्री ग्रामीण सड़कों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करेंगे।
