आजमगढ़ जनपद के ग्राम हरिहरपुर, थाना कंधरापुर में हुए बुलडोजर एक्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्रवाई को योगी सरकार की “तानाशाही और दलित विरोधी नीति” करार देते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया है। मामला रामजतन गौड़ और राम नयन गौंड से जुड़ा है, जिनका आरोप है कि उनकी अपनी जमीन पर बने मकान को बिना सुनवाई के प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ितों को 21 दिसंबर 2025 को नोटिस दी गई थी, जबकि सुनवाई की तारीख 23 दिसंबर 2025 तय थी। लेकिन प्रशासन ने सुनवाई से पहले ही 23 दिसंबर की सुबह करीब 4 बजे मकान को ध्वस्त कर दिया। दोनों ही पीड़ित गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिन्होंने किसी तरह कर्ज लेकर और पैसे जुटाकर अपना आशियाना बनाया था। आरोप है कि निर्माण के दौरान प्रशासन की ओर से कोई आपत्ति नहीं की गई, लेकिन मकान तैयार होते ही कार्रवाई कर दी गई।
इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि योगी सरकार किसानों, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों के खिलाफ लगातार अन्याय और अत्याचार कर रही है। संविधान और कानून की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। “यह सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म कर राजतंत्र स्थापित करना चाहती है। सवर्णों के लिए एक कानून और पिछड़ों, दलितों व मुसलमानों के लिए दूसरा कानून लागू किया जा रहा है,” उन्होंने कहा।
हवलदार यादव ने आरोप लगाया कि यदि रामजतन और राम नयन गौड़ गौड़ समाज से न होते, तो उनका मकान नहीं गिराया जाता। उन्होंने इसे साफ तौर पर जातिगत उत्पीड़न बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करती है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। पार्टी जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर मुआवजे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव, सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव, जिला पंचायत सदस्य पप्पू कुमार यादव, प्रदेश सचिव छात्र सभा गौरव यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह मामला एक बार फिर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
