आजमगढ़ जिले के जहानागंज क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की एक मजबूत मिसाल बन चुके बीआरएन इंटरनेशनल स्कूल, काजीपुर (जहानागंज) में मंगलवार को भव्य एनुअल फंक्शन का आयोजन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विज्ञान प्रदर्शनी और पुरस्कार वितरण समारोह ने न सिर्फ बच्चों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि अभिभावकों और अतिथियों को भी प्रभावित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। वहीँ स्कूल के विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी में आधुनिक युग की वैज्ञानिक सोच को दर्शाते हुए विभिन्न मॉडल प्रस्तुत किए। छोटे बच्चों द्वारा बनाए गए इन मॉडलों को देखकर मुख्य अतिथि नगर पंचायत चिरैयाकोट के चेयरमैन राम प्रताप यादव ने हैरानी जताते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों की सोच और समझ बेहद प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि आज देश के वैज्ञानिक जिस दिशा में कार्य कर रहे हैं, उसकी झलक इन बच्चों के प्रयोगों में साफ दिखाई दी।
चेयरमैन राम प्रताप यादव ने बताया कि बीआरएन इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना समाज की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। इससे पहले वर्ष 1999 में इसी ग्राम पंचायत काजीपुर में यूपी बोर्ड से संचालित विद्यालय की नींव रखी गई थी। उस समय यह क्षेत्र शिक्षा के लिहाज से काफी पिछड़ा हुआ था और दूर-दराज तक कोई बड़ा स्कूल या कॉलेज नहीं था। आज यह संस्था लगातार प्रगति करते हुए क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को संवार रही है।
उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य की विशेष सराहना करते हुए बताया कि वे दार्जिलिंग से आए हैं और बच्चों की शिक्षा व अनुशासन पर विशेष ध्यान देते हैं। साथ ही विद्यालय के कई शिक्षक फाउंडर मेंबर के रूप में शुरू से जुड़े हुए हैं, जो आज भी पूरी निष्ठा के साथ पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान लकी ड्रा का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहा। साइकिल समेत कई आकर्षक पुरस्कार निकाले गए, जिसे लेकर बच्चों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। चेयरमैन ने लकी ड्रा को पूरी तरह पारदर्शी बताते हुए कहा कि यह किस्मत का खेल है और इसका सीधा उदाहरण उन्होंने स्वयं मंच से देखा।
आगामी सत्र को लेकर चेयरमैन ने बताया कि विद्यालय को और अधिक तकनीकी रूप से सशक्त किया जाएगा। स्कूल की नई बिल्डिंग लगभग तैयार हो चुकी है और अगले सत्र से सभी बच्चे वहीं आधुनिक सुविधाओं के साथ पढ़ाई करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए भी बच्चों को शहरों जैसी शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराना ही विद्यालय का लक्ष्य है।
बीआरएन इंटरनेशनल स्कूल का यह एनुअल फंक्शन शिक्षा, अनुशासन और प्रतिभा के संगम का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
