आजमगढ़ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों का सम्मान, बासुपार गांव बना विकास की मिसाल
बदी खबर है आज़मगढ़ जिले से , जहां जिलाधिकारी आजमगढ़ द्वारा ग्राम पंचायतों में उत्कृष्ट विकास कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में उन पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय कार्य कर गांवों की तस्वीर बदल दी है।
इस अवसर पर जिले के अजमतगढ़ विकास खंड के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत बासुपार (बनकट) विशेष चर्चा का केंद्र रहा। बासुपार गांव ने हाल के दिनों में जिस तरह से विकास की नई इबारत लिखी है, उसने न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि प्रदेश स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। ग्राम प्रधान सिद्दीका परवीन, प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल वहाब खान और ग्राम विकास अधिकारी गरिमा (रीमा) मिश्रा के संयुक्त प्रयासों से गांव में शिक्षा, प्रशासन और स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है।
बासुपार गांव के प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प इस विकास यात्रा का सबसे बड़ा उदाहरण है। विद्यालय को हाईटेक रूप देकर बच्चों के लिए डेस्क-बेंच, सीसीटीवी कैमरे, वातानुकूलित कक्ष, आधुनिक लाइब्रेरी, वाई-फाई सुविधा और मध्यान्ह भोजन के लिए डाइनिंग टेबल की व्यवस्था की गई है। यह मॉडल इतना प्रभावशाली रहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस विद्यालय के कायाकल्प से प्रभावित हुए और इसकी सराहना की।
वहीं बीते शनिवार को गांव में एक आधुनिक ग्राम सचिवालय का निर्माण भी पूरा किया गया, जो सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इस सचिवालय के माध्यम से अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पंचायत सहायक, लेखपाल, विद्युत विभाग सहित अन्य कर्मचारियों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, जहां वे रोस्टर के अनुसार बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सचिवालय में वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इसके साथ ही गांव की साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए बड़े शहरों की तर्ज पर कूड़ा-कचरा उठाने के लिए विशेष गाड़ियां चलाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि बासुपार स्वच्छ और सुंदर बना रहे।
सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे। जिन ग्राम पंचायतों में यह मंशा ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ लागू की गई है, उन्हें सम्मानित करना प्रशासन का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बासुपार जैसे गांव अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा हैं।
वहीं ग्राम विकास अधिकारी गरिमा मिश्रा ने सम्मान मिलने पर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी टीम और ग्राम प्रधान के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “गांव की समस्या का समाधान गांव में” मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की सोच को साकार करने का प्रयास किया गया है।
ग्राम प्रधान सिद्दीका परवीन ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य गांव का सर्वांगीण विकास है। सम्मान मिलने से यह विश्वास मजबूत हुआ है कि उनकी मेहनत सही दिशा में है। वहीं प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल वहाब खान ने कहा कि अभी विकास के कई सपने बाकी हैं और सरकार की मंशा के अनुरूप गांव को आदर्श ग्राम बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
बासुपार आज न सिर्फ एक गांव, बल्कि विकास की प्रेरक कहानी बन चुका है।
