आजमगढ़ :- रौनापार थाना क्षेत्र के सिरिही गांव में रविवार की रात खेत की मेड़ काटने के विवाद ने ऐसा रूप लिया कि देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी लाठी-डंडों और फावड़ों की मारपीट में तब्दील हो गई, जिसमें एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और मातम का माहौल है, वहीं पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक जितेंद्र चौहान (40 वर्ष) अपने पट्टीदारों से लंबे समय से खेत की मेड़ को लेकर विवाद झेल रहा था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी। रविवार की रात जब जितेंद्र काम से घर लौटा, तो फिर से उसी मुद्दे पर तेज बहस छिड़ गई। बातों का तकरार कुछ ही पलों में हिंसा में बदल गया। आरोप है कि पट्टीदारों ने लाठी-डंडा, कुदाल और फावड़ा लेकर जितेंद्र पर हमला बोल दिया।
हमले में जितेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, आरोपित मौके से फरार हो गए। सूचना पाकर रौनापार पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले जाने लगी, लेकिन रास्ते में ही जितेंद्र ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने हरैया स्वास्थ्य केंद्र पर उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर गांव में फैलते ही मातम छा गया। मृतक की पत्नी आशा देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि जितेंद्र मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। अब परिवार के सिर से सहारा छिन गया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि, “जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हुई है। चार नामजद अभियुक्तों को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।”
गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन-जायदाद के झगड़े आखिर कब तक जिंदगियां लीलते रहेंगे? सिरिही गांव में आज सिर्फ एक मेड़ नहीं कटी — एक परिवार का सपना, सहारा और मुस्कान भी हमेशा के लिए मिट गया।
Bite- एसपी ग्रामीण चिराग जैन
