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आजमगढ़: निजामाबाद में डीजे संचालकों और पूजा संयोजकों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी उपकरण और वाहन जब्त

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आजमगढ़: निजामाबाद में डीजे संचालकों और पूजा संयोजकों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी उपकरण और वाहन जब्त

आजमगढ़:  निजामाबाद कस्बे में लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे सिस्टम और पूजा आयोजकों द्वारा सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। थानाध्यक्ष हीरेन्द्र प्रताप सिंह, एसएसआई सविन्द्र राय तथा ड्यूटी में तैनात अन्य अधिकारियों और कर्मियों ने पूरे इलाके में ड्यूटी का पालन किया और अनियंत्रित ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए तत्परता दिखाई।

घटना स्थल पर पूजा संयोजक और उनके सहयोगी बड़े पैमाने पर डीसीएम ट्रकों पर डीजे सिस्टम लादकर ऊँची आवाज में डीजे प्रतियोगिता आयोजित कर रहे थे। इसमें शामिल प्रमुख व्यक्ति थे – जय बजरंग दल फरहाबाद के अध्यक्ष अमरजीत मौर्या, जय गोपाल दल फरहाबाद मछली मंडी के अध्यक्ष सुमित मौर्या, बाल क्रांति दल घूरीपुर के अध्यक्ष बृजेश कुमार व मिन्शू चौरसिया, और देवकी चौक मूर्ति स्थापित दल के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता

पुलिस द्वारा बार-बार आवाज कम करने के निर्देश देने के बावजूद आरोपियों ने सड़क पर मूर्ति रखकर विसर्जन रोकने की धमकी दी और डीजे की आवाज बढ़ा दी। इस घटना से आमजन, विशेषकर बच्चे, वृद्ध और बीमार नागरिक भयभीत और असुविधा में थे। यह कृत्य सर्वोच्च न्यायालय के आदेश, उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देश और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के विपरीत था।

डीजे से होने वाले नुकसान

डीजे की अत्यधिक आवाज़ न केवल कानों को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि बच्चों और वृद्धजनों की मानसिक शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। लगातार उच्च ध्वनि के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता कम हो सकती है, तनाव और मानसिक अस्थिरता बढ़ती है, नींद में बाधा आती है और रक्तचाप तथा हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों में अत्यधिक ध्वनि से शिक्षा और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सिर्फ़ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि डीजे से सामाजिक और सार्वजनिक नुकसान भी होता है। सड़क पर बड़े वाहनों में लगे डीसीएम ट्रक और तेज आवाज से यातायात बाधित होता है, लोग घरों में भी शांति से रह नहीं पाते, और त्योहार का वास्तविक उद्देश्य—आस्था और श्रद्धा—ध्वनि प्रदूषण के कारण दब जाता है। इसके अलावा, धार्मिक आयोजनों में यह कृत्य समुदाय में तनाव और विवाद को बढ़ावा देता है।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार वाहनों को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत जब्त किया। इसके अलावा ई-चालान ऐप के माध्यम से अन्य 7 वाहनों का ₹94,500/- का चालान किया गया। कुल 11 वाहनों का चालान ₹1,69,000/- किया गया। जब्ती में कुल 92 एम्पलीफायर, 90 बड़े साउंड बॉक्स, 588 छोटे साउंड बॉक्स (HF), 1 माइक, 5 क्रॉसओवर, 3 मिक्सर, 12 बेस बॉक्स, 2 ट्रेस्ड, 2 वायर बॉक्स, 5 जनरेटर, 60 CRP लाइट और 4 बड़े वाहन शामिल थे। जब्त किए गए वाहनों में UP15HP0964, UP42T6047, UP13T6878, UP37BT8563 प्रमुख हैं।

FIR संख्या 357/2025 में धारा 289/292/293 बीएनएस, ध्वनि प्रदूषण (नियमन व नियंत्रण) नियम-2000 और 15(1) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत अभियोग दर्ज किया गया।

जब्ती टीम में SO हीरेन्द्र प्रताप सिंह, SSI सविन्द्र राय, SI दिलीप आनन्द, SI लाला राम, SI कमला प्रसाद, SI राजेश राय, SI मो0 शमशाद खाँ, SI सूरज प्रसाद, SI सानिया गुप्ता और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इस कार्रवाई से निजामाबाद में सार्वजनिक शांति और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित हुआ।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया कि धार्मिक आयोजन का आनंद लिया जा सकता है, लेकिन ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक असुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पुलिस का यह कदम स्वस्थ और सुरक्षित समाज की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

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