आजमगढ़ में देर रात गूंजे गोलियों की आवाज़ — पुलिस और हत्यारोपी आमने-सामने, मुठभेड़ में दोनों को लगी गोली, तीसरा साथी भी चढ़ा हत्थे!
आजमगढ़ में शुक्रवार की देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा! जहानगंज थाना क्षेत्र के गोधौरा गांव के पास पुलिस और हत्यारोपियों के बीच हुई मुठभेड़ ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। करीब आधे घंटे चली इस मुठभेड़ में दोनों कुख्यात आरोपी पवन यादव और अभिषेक चौहान पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और बिना नंबर की बाइक भी बरामद की है।
जानकारी के मुताबिक, 20 अक्टूबर की रात सिधारी थाना क्षेत्र के विवेक कुमार पुत्र रघुनाथ की हत्या ने पूरे जिले को हिला दिया था। आपसी विवाद के चलते गोली मारकर हत्या करने के आरोप में शिवम यादव, पीयूष यादव समेत छह लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। उस समय एक आरोपी विशाल सिंह को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी पवन और अभिषेक फरार चल रहे थे।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में थी। शुक्रवार रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी बाइक से गोधौरा की ओर जा रहे हैं। टीम ने नाकेबंदी की, लेकिन जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, आरोपियों ने धांय-धांय करते हुए फायरिंग शुरू कर दी! जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने कंट्रोल फायर किया, जिससे दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे वहीं ढेर हो गए।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मौके से तीसरा फरार आरोपी अंकित यादव को भी दबोच लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने पुष्टि की कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और घायल अभियुक्तों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
इस रोमांचक और फिल्मी अंदाज़ वाली मुठभेड़ में जहानगंज थाने के प्रभारी अतुल कुमार मिश्र और उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार यादव की टीम ने बेहद साहस और सूझबूझ दिखाई। फील्ड यूनिट मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
इलाके में पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस इसी तरह तत्परता से काम करती रही तो अपराधियों के हौसले पस्त हो जाएंगे। फिलहाल दोनों घायल आरोपियों की हालत स्थिर बताई जा रही है, और पुलिस अब उनसे पूछताछ की तैयारी में जुटी है।
