आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कादीपुर हरकेश गांव में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। गांव में मोबाइल छीनने के विवाद के चलते गुस्साई भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला कर 62 वर्षीय कन्हैया राजभर की हत्या कर दी। इस घटना में उनका बेटा बबलू राजभर (40) भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बबलू राजभर अपने घर लौट रहा था। रास्ते में उसने गांव की एक युवती का मोबाइल छीन लिया, जो किसी से फोन पर बात कर रही थी। बबलू ने लड़की को फोन पर बात करने से भी मना किया। इसके बाद लड़की ने शोर मचाना शुरू किया और आसपास के लोग तथा लड़की के परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए। गुस्साई भीड़ ने बबलू पर हमला कर दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कन्हैया राजभर ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। लेकिन भीड़ ने बुजुर्ग पर भी हमला कर दिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल कन्हैया को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं, बबलू राजभर का इलाज अभी चल रहा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद कप्तानगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कन्हैया की पत्नी कौशल्या ने पांच आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गांव के लोगों ने बताया कि कन्हैया और उनका बेटा बबलू ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। कन्हैया की दो बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत और सनसनी फैला दी है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि विवाद मोबाइल छीनने और लड़की से जुड़ी नोकझोंक के कारण शुरू हुआ। पुलिस मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी प्रयास कर रही है।
कप्तानगंज थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
