आज़मगढ़ :- जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के दाउदपुर गांव में बुधवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां कक्षा 9 की छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। किशोरी ने घर के छत पर जाकर धारदार हथियार से पहले हाथ की नस और फिर गले की नस काट ली, जिसके चलते मौके पर ही उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जीयनपुर कोतवाली पुलिस, फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की।
मृतका की पहचान दीप्ति यादव (14 वर्ष) पुत्री रामाश्रय यादव के रूप में हुई है। वह कक्षा 9 की छात्रा थी। परिजनों का कहना है कि बेटी पढ़ाई को लेकर काफी दबाव में थी। पिता रामाश्रय यादव ने बताया कि परीक्षा और पढ़ाई के तनाव में उसने यह कदम उठाया।
इस घटना ने पूरे गांव को दहला दिया है। पड़ोसियों के मुताबिक, दीप्ति पढ़ने में तेज थी लेकिन हाल के दिनों में परीक्षा को लेकर तनाव में रहती थी। परिजनों का दावा है कि उन्होंने बेटी को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन शायद उस पर यह दबाव भारी पड़ गया।
मामले पर एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। “परिजनों से पूछताछ में यह सामने आया है कि किशोरी पढ़ाई और परीक्षा के दबाव में थी। हालांकि फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। वैधानिक कार्रवाई की जा रही है,” उन्होंने कहा।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और हथियार को कब्जे में लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
यह घटना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरे सदमे का कारण बनी है। ग्रामीणों ने कहा कि छोटी उम्र में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कभी-कभी उन्हें ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर देता है, जो परिवार और समाज दोनों के लिए पीड़ा बन जाता है।
