आजमगढ़ जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक बड़ी सफलता दर्ज की है। पुलिस ने पांच महीने से लापता 17 वर्षीय किशोरी को राजधानी लखनऊ से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने जिले में अपहृत और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन में, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने यह उपलब्धि हासिल की।
बाते दे कि थाना पवई क्षेत्र की रहने वाली किशोरी 6 अप्रैल 2025 की रात अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने 7 अप्रैल को थाना पवई में गुमशुदगी और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। शुरुआती महीनों में लगातार प्रयासों के बावजूद पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 25 अगस्त 2025 को एसएसपी ने मामले की विवेचना AHTU को सौंप दी।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम ने सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। लगातार ट्रैकिंग और सूचना संकलन के बाद 10 सितंबर 2025 को राजधानी लखनऊ के अवध विहार योजना, गोल्फ सिटी स्थित प्रधानमंत्री आवास से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मेडिकल औपचारिकताओं के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं –अमन यादव (उम्र 21 वर्ष), निवासी ओरिल दबदबा, थाना पवई, सौरभ यादव (उम्र 22 वर्ष), निवासी ग्राम बहिरापार, थाना पवई का रहने वाले है ….दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 87/64/61(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में कार्रवाई की गई है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया, “ऑपरेशन मुस्कान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता अर्जित की है। हमारी टीम ने लगातार प्रयास करते हुए लखनऊ से पांच महीने से लापता किशोरी को सकुशल बरामद किया है। इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। हमारी प्राथमिकता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा है, ताकि हर गुमशुदा बच्चा सुरक्षित अपने घर लौट सके।”
इस अभियान में उपनिरीक्षक उमेश कुमार, कांस्टेबल आलोक कुमार मिश्र, महिला कांस्टेबल चमन खातून, हेड कांस्टेबल चन्द्रमा मिश्रा, कांस्टेबल आलोक कुमार और सर्विलांस सेल के दिनेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि ऑपरेशन मुस्कान सचमुच गुमशुदा चेहरों पर मुस्कान वापस ला रहा है। यह सफलता साबित करती है कि कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।
