प्रयागराज। पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार और प्रशासन की पोल उस वक्त खुलती नजर आई, जब प्रयागराज के जसरा यमुना नगर विकास खंड अंतर्गत एक स्थानीय पत्रकार परवेज आलम को भूमाफियाओं ने खुलेआम धमकी दे डाली। मामला पट्टे की जमीन पर चल रहे विवाद से जुड़ा है, जिसमें न सिर्फ दो पक्ष आमने-सामने थे, बल्कि मौके पर खबर कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकार को भी निशाना बनाया गया।
जानकारी के अनुसार, जसरा क्षेत्र में पट्टे की जमीन को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार परवेज आलम ने मामला गंभीर देखते हुए इसकी कवरेज शुरू कर दी। तभी विवाद में शामिल भूमाफियाओं की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने पत्रकार को गाली-गलौज देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने धमकी देते हुए कहा—“सारी पत्रकारिता भुला देंगे” और “तुम्हें गायब करा देंगे।”
इस घटना का एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से धमकी दी जा रही है। परवेज आलम का कहना है कि इस मामले में पहले भी खबरें प्रकाशित हुई थीं, जिसके कारण वे पहले से ही भूमाफियाओं के निशाने पर थे।
अब सवाल उठता है कि आखिर इन भूमाफियाओं को इतना साहस किसका संरक्षण मिलने से मिल रहा है, जो वे खुलेआम पत्रकार को धमकी देने से भी नहीं डरते। प्रदेश में भाजपा सरकार है और मुख्यमंत्री स्वयं पत्रकारों की सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन इस मामले में थाना घूरपुर की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ तथाकथित लोग भी इस पूरी घटना में भूमाफियाओं का साथ दे रहे हैं और पत्रकार को झूठा साबित करने की कोशिश में लगे हैं। यह स्थिति न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरनाक है, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सीधा हमला है।
पत्रकार परवेज आलम ने पुलिस प्रशासन से एक बार फिर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसे लोगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाले समय में और भी कलमकारों की आवाज दबाने की कोशिशें की जाएंगी।
फिलहाल, यह देखना बाकी है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर यह भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
