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आजमगढ़ की बेटी संध्या रानी श्रीवास्तव बनीं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट…

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आजमगढ़ की बेटी संध्या रानी श्रीवास्तव बनीं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट
रिपोर्ट: CIB INDIA NEWS ब्यूरो, आजमगढ़

आजमगढ़ जनपद के लिए गर्व का क्षण तब आया जब जिले की बेटी संध्या रानी श्रीवास्तव ने देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट में बतौर पंजीकृत एडवोकेट शामिल होकर इतिहास रच दिया। कठिन परीक्षा और प्रक्रियाओं को पार करते हुए संध्या रानी ने न केवल खुद को साबित किया, बल्कि पूरे पूर्वांचल खासकर आजमगढ़ और गाजीपुर के लोगों को न्याय की नई उम्मीद दी है।

संध्या रानी श्रीवास्तव मूलतः तहबरपुर विकासखंड के बीबीपुर कदीम गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में जमालपुर बाजबहादुर गांव में निवास करती हैं। वे वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सतीश चंद्र श्रीवास्तव की सुपुत्री हैं, जो कलेक्ट्रेट, आजमगढ़ में वर्षों से कानून सेवा में सक्रिय हैं। इसके साथ ही वे भाजपा लालगंज (आजमगढ़) के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव की बड़ी बहन भी हैं।

संध्या रानी के पति श्री रविकांत श्रीवास्तव वर्तमान में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में डिप्टी कमांडेंट के पद पर दिल्ली मुख्यालय में कार्यरत हैं।

संध्या रानी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “बचपन से ही मुझे न्यायिक प्रक्रिया में रुचि थी। मेरे पिता एक एडवोकेट हैं और घर का माहौल हमेशा न्याय और सच्चाई से जुड़ा रहा। सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने का सपना था, जो अब पूरा हुआ है।”

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के गरीब और मध्यम वर्गीय लोग अक्सर दिल्ली जाकर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे लड़ने में असमर्थ रहते हैं क्योंकि वहां की कानूनी प्रक्रिया और खर्च काफी अधिक होता है। लेकिन अब वह इन लोगों की सुलभ न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करेंगी।

संध्या रानी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में नामांकन की कठिन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करने के पीछे वरिष्ठ अधिवक्ता कुंवर अभिषेक सिंह का मार्गदर्शन और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष कपिल सिब्बल व महामंत्री विक्रांत यादव का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके अनुभवों से सीखती रहेंगी और समाज के हक के लिए लड़ेंगी।

संध्या रानी की इस उपलब्धि से आजमगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल में खुशी और गर्व की लहर है। यह सफलता उन बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो बड़े सपने देखती हैं लेकिन संसाधनों की कमी के चलते अक्सर पीछे रह जाती हैं।

स्थानीय बुद्धिजीवी वर्ग और अधिवक्ताओं ने भी संध्या रानी को बधाई देते हुए कहा कि उनका सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना आजमगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उम्मीद की जा रही है कि वे पूर्वांचल के हजारों जरूरतमंदों को न्याय दिलाने की दिशा में सशक्त भूमिका निभाएंगी।

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