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60 साल पुराना अस्पताल बचाने के लिए सड़क पर उतरे किसान, यूनियन ने प्रशासन को चेताया

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बारा, प्रयागराज। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की अगुवाई में सोमवार को बारा तहसील परिसर में किसान मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता यमुनापार अध्यक्ष दीपक तिवारी ने की, जिसमें किसानों, मजदूरों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर चार सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन उपजिलाधिकारी बारा को सौंपा गया।

पंचायत के दौरान संगठन ने प्रमुख रूप से पीपीजीसीएल पावर प्लांट बारा में कार्यरत मजदूरों के साथ हो रहे शोषण का मुद्दा उठाया। संगठन का आरोप है कि ठेकेदार मनोज सिंह द्वारा क्लासिक सिग्नल में कार्यरत मजदूरों से बंधुआ मजदूरी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इस प्रकार की मजदूर विरोधी कार्यशैली पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

दूसरी मांग अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से जुड़ी थी। यूनियन ने कहा कि पूर्व में कंपनी को नोटिस देकर सूचित किया गया था कि हाईवे के किनारे वाहन खड़ा न किया जाए, क्योंकि इससे रोजाना सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है।

तीसरी मांग में हर्रो व उमापुर टोल पर ओवरलोड वाहनों को बंद कराने और वहां से हटाए गए स्थानीय मजदूरों को दोबारा रोजगार देने की बात कही गई। संगठन ने स्पष्ट कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चौथी मांग ओसा सोनवर्षा में 60 वर्षों से संचालित अस्पताल को लेकर थी। यूनियन ने मांग की कि अस्पताल को किसी अन्य स्थान पर न ले जाया जाए बल्कि उसे स्थायी रूप से वहीं पर चालू रखा जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहे।

ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन चारों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो 25 जुलाई को कमिश्नरी परिषद में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रदेश सचिव लाल पुष्पराज सिंह, मंडल अध्यक्ष बबलू दुबे, जिलाध्यक्ष सनी शुक्ला, महासचिव अंकुश शुक्ला, तहसील अध्यक्ष आशीष शुक्ला और ब्लाक अध्यक्ष पंकज कुशवाहा सहित सैकड़ों किसान व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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