रिपोर्ट: आमिर खान , आज़मगढ़
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय ब्लॉक अंतर्गत फरिहा रेलवे क्रॉसिंग स्थित फैजी मेमोरियल चिकित्सालय के संचालक डॉ. इरफान अहमद ने जिला नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौधरी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. इरफान ने आरोप लगाया कि बीते 13 जून 2025 को, दिन शुक्रवार, लगभग 12:45 बजे नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौधरी बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए उनके हॉस्पिटल पर पहुंचे और चिकित्सालय पर ताला बंद करवा दिया। डॉक्टर इरफान के मुताबिक, उनका चिकित्सालय पूरी तरह से पंजीकृत है और सभी कागजात विधिवत उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर कई बार मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन हर बार नोडल अधिकारी द्वारा उनसे पैसों की मांग की जाती रही। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी सूचना अधिकार (RTI) के तहत भी मांगी, जिसमें जवाब आया कि चिकित्सालय पर कोई ताला बंद नहीं है। जबकि 13 जून से ही उनका अस्पताल बंद है, जिससे मरीजों को काफी असुविधा हो रही है।
थक-हारकर डॉ. इरफान ने केंद्रीय अध्यक्ष वाइस ऑफ आयुर्वेद एवं उपाध्यक्ष, आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश डॉ. शैलेश कुमार राय से संपर्क किया। डॉ. राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 30 जून 2025 को सुबह 11 बजे अपनी टीम के साथ CMO कार्यालय आजमगढ़ में पहुंचने और मामले की तह तक जाने का निर्णय लिया है।
वहीं, इस मामले में जब मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फैजी मेमोरियल चिकित्सालय के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उनका कहना है कि अस्पताल केवल आयुर्वेद पद्धति से पंजीकृत है, लेकिन कथित तौर पर वह अन्य पद्धतियों में भी इलाज कर रहा था। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।
अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या नोडल अधिकारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप सही साबित होते हैं या फिर यह महज एक मनमुटाव का मामला है। फिलहाल जिले में इस मुद्दे को लेकर चिकित्सा क्षेत्र में हलचल मची हुई है।
