तेज़ गर्मी बनी जांच में बाधा, ग्राम प्रधान के खिलाफ अधूरी जांच से ग्रामीणों में आक्रोश
देवापर, अजमतगढ़ | संवाददाता
आज़मगढ़ जिले विकासखंड अजमतगढ़ की ग्राम पंचायत देवापर में ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने पहुंची अधिकारियों की टीम शुक्रवार को तेज गर्मी के चलते अधूरी जांच करके लौट गई। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कल शुक्रवार को समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल के नेतृत्व में जांच टीम ग्राम पंचायत पहुंची थी। टीम में ब्लॉक के कई कर्मचारी, तकनीकी सहायक कृष्णा तिवारी, ग्राम पंचायत सचिव जितेंद्र कनौजिया, अवर अभियंता निधि श्रीवास्तव और शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद शामिल थे। दुर्गा प्रसाद ने ग्राम प्रधान संजय राम के खिलाफ कुल 44 कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी।
हालांकि टीम केवल 7-8 कार्यों की ही जांच कर सकी। समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल ने बताया कि भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण लंबी जांच संभव नहीं हो सकी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष कार्यों की जांच जल्द की जाएगी और पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
शिकायतकर्ता दुर्गा प्रसाद ने आरोप लगाया कि जांच टीम के आने की सूचना मिलने के बावजूद उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक लिया और थाने में बैठा दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि बाद में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से उन्हें छोड़ा गया और वे जांच स्थल पर पहुंच सके।
इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जांच अधूरी छोड़ने पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि पंचायत में लंबे समय से भ्रष्टाचार चल रहा है, और अब जब जांच शुरू हुई है, तो उसे पूरा किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की कि सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
