अलीगढ़: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर रविवार को अलीगढ़ जिले के गभाना टोल प्लाजा से पहले हमला हुआ। क्षत्रिय समाज के युवकों ने काफिले की गाड़ियों पर पत्थर और टायर फेंके, जिससे काफिले की 5 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 5-6 लोग घायल हो गए। काफिले में 20 से ज्यादा गाड़ियां थीं, और हमले के बाद सांसद को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन बुलंदशहर में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन हमले के बाद प्रशासन ने उन्हें शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। यह घटना तब हुई जब सपा सांसद के काफिले के पास अलीगढ़ के खेरेश्वर चौराहे पर क्षत्रिय समाज के कुछ युवा सड़कों पर उतर आए और काफिले के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। काफिले की गाड़ियां तेजी से भागने लगीं, जिससे कुछ दूर जाकर गाड़ियां टकरा गईं। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला और काफिले को आगे रवाना किया।
कुछ देर बाद गभाना टोल प्लाजा से करीब 150 मीटर पहले एक बार फिर क्षत्रिय समाज के युवक काफिले के सामने आए और गाड़ियों पर पत्थर फेंकने लगे। इस हमले के कारण काफिला करीब 20 मिनट तक रुका रहा। मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
यह हमला सपा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान के बाद हुआ। 21 मार्च को सुमन ने राज्यसभा में कहा था कि बाबर को हराने के लिए राणा सांगा ने मदद की थी, और हिंदू समाज के लोग राणा सांगा की औलाद हैं। इस बयान के बाद करणी सेना ने सपा सांसद के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
बुलंदशहर में हाल ही में दलितों पर हमले के बाद सपा सांसद दलित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। सांसद ने इस दौरान यूपी सरकार पर दलितों के खिलाफ कार्रवाई में नाकामी का आरोप लगाया।
इस घटना के बाद, सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि यूपी में दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
