Breaking News

बाल चेतना से बदलेगी सोच: एसकेडी में चला तम्बाकू विरोधी अभियान

Spread the love


जहानागंज, आजमगढ़। धनहुंआ स्थित एसकेडी विद्या मन्दिर एवं एसकेडी इण्टर कॉलेज में गुरुवार को तम्बाकू निषेध अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाज को तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं स्वास्थ्य विभाग आजमगढ़ के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोल्हूखोर के चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तम्बाकू एक धीमा ज़हर है, जो न केवल उपभोक्ता के शरीर को नष्ट करता है, बल्कि उसके आसपास मौजूद लोगों के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं को इससे दूर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि यह उनकी पूरी जीवनशैली और भविष्य को प्रभावित करता है।

विद्यालय के संस्थापक विजय बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को आजीवन तम्बाकू से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का बोध भी छात्रों में विकसित करना आवश्यक है और ऐसे आयोजन इसके लिए प्रभावी माध्यम हैं।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। एसकेडी विद्या मन्दिर की अंशिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं दिव्यांशू द्वितीय और हिमांशू तृतीय स्थान पर रहे। एसकेडी इण्टर कॉलेज की प्रतियोगिता में प्रिया प्रथम, तन्नू द्वितीय और प्राजल तृतीय स्थान पर रहीं।

इस आयोजन में विद्यालय के प्रधानाचार्य के.के. सरन, एसकेडी विद्या मन्दिर की प्रधानाचार्या प्रीति यादव, व्यवस्थापक श्रीकांत सिंह तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम से डॉ. संध्या सिंह, नीरज एवं पंकज की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने मिलकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया और तम्बाकू निषेध का संकल्प दोहराया।

इस तरह एसकेडी के छात्रों ने न केवल अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता का सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया। यह आयोजन न सिर्फ एक प्रतियोगिता था, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने वाली एक पहल भी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial