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आजमगढ़ में अवैध शस्त्र फैक्ट्री का पर्दाफाश, आरोपी लालधारी गिरफ्तार

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रिपोर्ट – राहुल मौर्या 

आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने अवैध हथियार निर्माण में संलिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी लालधारी को गिरफ्तार किया है, जो कि लंबे समय से अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सात अधबने तमंचे और हथियार निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में औजार व अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस को कैसे लगी भनक?

पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि तहबरपुर थाना क्षेत्र में एक अपराधी अवैध हथियार बनाने और उनकी बिक्री करने के धंधे में लिप्त है। इस सूचना के आधार पर पुलिस और SOG टीम ने संयुक्त रूप से एक गुप्त ऑपरेशन की योजना बनाई। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस टीम ने छापेमारी की तो मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने आरोपी के पास से सात अधबने तमंचे, बड़ी मात्रा में नाल, लोहे की पाइप, हथियार बनाने के औजार और 167 अन्य सामग्रियां बरामद की हैं। इन सामग्रियों का उपयोग तमंचे के निर्माण में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लालधारी हथियारों को ऑर्डर पर बनाता था और ऊंचे दामों में बेचता था।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपी लालधारी तहबरपुर थाना क्षेत्र का निवासी है और उस पर पहले से ही 12 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने कई साल पहले अवैध हथियार बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन कुछ समय के लिए यह काम छोड़ दिया था। हालांकि, रोजी-रोटी की समस्या के चलते उसने दोबारा यह गैरकानूनी काम शुरू कर दिया।

कैसे करता था हथियारों का निर्माण?

आरोपी ने खुलासा किया कि वह कबाड़ की दुकानों से लोहे की पाइप और अन्य जरूरी सामान खरीदता था। रात के समय, जब सब सो जाते थे, तब वह अपने घर में ही हथियारों का निर्माण करता था। इसके बाद, वह उन्हें बाजार में ऊंची कीमत पर बेचता था। पुलिस को संदेह है कि इस कार्य में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम इस अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, तो उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”

अवैध हथियारों की बढ़ती समस्या

उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की बढ़ती समस्या एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अपराधी इन हथियारों का इस्तेमाल लूट, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में करते हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस ऑपरेशन में तहबरपुर थाने के प्रभारी चंद्रदीप कुमार, स्वाट टीम के प्रभारी संजय कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध हथियारों के कारोबार को बड़ा झटका लगा है।

फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने हथियार बनाए और उन्हें किन-किन लोगों को बेचा।

आजमगढ़ में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह घटना बताती है कि किस तरह अपराधी अवैध रूप से हथियार बनाकर अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। हालांकि, पुलिस की तत्परता और सतर्कता के चलते इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया, लेकिन अब भी ऐसे कई अन्य अपराधी हो सकते हैं जो इस धंधे में संलिप्त हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई से जहां क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त पर भी अंकुश लगेगा। पुलिस अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध हथियारों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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