संस्कार की थीम पर मना उज्जवल मॉडल स्कूल का वार्षिकोत्सव, बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने मोहा मन…
आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान उज्जवल मॉडल स्कूल और उज्जवल शिक्षण संस्थान में वार्षिकोत्सव का आयोजन भव्यता के साथ किया गया। इस वर्ष, वार्षिकोत्सव की थीम ‘संस्कार’ पर केंद्रित थी, जिसमें बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से हजारों अभिभावकों और आगंतुकों का दिल जीत लिया। स्कूल की प्रबंधक सुनीता सिंह के कुशल निर्देशन और देखरेख में यह कार्यक्रम सफलता के उत्कर्ष को छू सका।
दीप प्रज्वलन से हुई भव्य शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय की आधारशिला रहे स्वर्गीय दिनेश सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालय परिवार और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वर्गीय दिनेश सिंह को याद किया गया, जिन्होंने उज्जवल मॉडल स्कूल और उज्जवल शिक्षण संस्थान की स्थापना का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए अपना सर्वस्व झोंक दिया।
स्व. दिनेश सिंह के असमय निधन के बाद उनकी धर्मपत्नी और वर्तमान प्रबंधक सुनीता सिंह ने साहस और संकल्प के साथ उनके सपनों को पूरा करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने न केवल विद्यालय को आगे बढ़ाया, बल्कि इसे ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित किया। नारी शक्ति की अप्रतिम मिसाल पेश करते हुए, सुनीता सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने मन मोहा
विद्यालय के बच्चों ने वार्षिकोत्सव में अपनी कला और संस्कृति से भरपूर प्रस्तुतियों से सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के नन्हे बच्चों द्वारा गणेश वंदना से हुई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद, विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर शिक्षा की महत्ता को दर्शाया।
देशभक्ति से ओत-प्रोत नृत्य और गीतों ने दर्शकों की आँखें नम कर दीं। विशेष रूप से सरहद पर सैनिकों के बलिदान को समर्पित नृत्य नाटिका ने लोगों के हृदय में देशभक्ति की भावना का संचार किया। इसी क्रम में बच्चों ने सूफी गीत ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा’ की मधुर प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
महादानी कर्ण पर नाट्य प्रस्तुति ने खींचा ध्यान
विद्यालय के नाट्य समूह ने महाभारत के महादानी कर्ण पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम को एक अलग ही ऊँचाई पर पहुँचा दिया। इस नाटक में कर्ण के त्याग, साहस और महानता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। विशेष रूप से कृष्ण की भूमिका निभाने वाले छात्र ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने अन्य पारंपरिक एवं आधुनिक नृत्यों की प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को और भी मनोरंजक बना दिया। भारतीय संस्कृति और मूल्यों को जीवंत करते इन कार्यक्रमों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने की सराहना
इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर धीरेन्द्र कुमार सिंह और प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता और लोक दायित्व के संयोजक पवन सिंह ने की।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उज्जवल मॉडल स्कूल और उज्जवल शिक्षण संस्थान अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को बखूबी निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यहाँ से शिक्षित होकर निकले बच्चे आगे चलकर समाज और देश के उत्थान में योगदान देंगे। उन्होंने विद्यालय परिवार को ऐसे आयोजन करने के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष पवन सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में उज्जवल शिक्षण संस्थान की प्रशंसा की और कहा कि संस्कार आधारित शिक्षा का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार और शिक्षा का समुचित विकास ही एक सशक्त समाज की नींव रखता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के अथक प्रयासों की सराहना की और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
शिक्षकों व एंकरिंग कर रही छात्राओं का विशेष योगदान
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों को तैयार करने, कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने और उसकी सफलता सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कार्यक्रम की एंकरिंग कर रही छात्राओं ने अपने आत्मविश्वास और कुशल प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। उनकी शानदार संवाद शैली और मंच संचालन ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और प्रभावशाली रूप दिया।
समापन व आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रबंधक सुनीता सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उज्जवल परिवार का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना है, जिससे वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए यह संकल्प लिया कि उज्जवल शिक्षण संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता बनाए रखेगा।
इस शानदार वार्षिकोत्सव ने विद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊँचाई दी और यह साबित कर दिया कि उज्जवल मॉडल स्कूल एवं उज्जवल शिक्षण संस्थान शिक्षा और संस्कृति के अद्वितीय संगम का केंद्र है।
