आज़मगढ़ जिले में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 35 लाख रुपये कीमत का 221 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह प्रतिबंधित गांजा असम से ट्रक के ज़रिए लाया जा रहा था और मऊ में इसकी डिलीवरी होनी थी।
गांजा तस्करी का भंडाफोड़
सिधारी थाना पुलिस और SOG की टीम को सूचना मिली कि एक ट्रक में बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी के लिए लाया जा रहा है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय तिराहे पर वाहनों की चेकिंग अभियान शुरू किया। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया, जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ छिपाए जाने की आशंका थी।
221 किलोग्राम गांजा बरामद
पुलिस ने जब ट्रक की गहन तलाशी ली, तो उसमें से 221 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है। ट्रक को तुरंत जब्त कर लिया गया और मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी और तस्करी नेटवर्क
ट्रक चालक की पहचान मनोज यादव निवासी बहरियाबाद, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मनोज यादव ने कबूल किया कि वह इस गांजे को मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक व्यक्ति सौरभ सिंह को डिलीवर करने जा रहा था।
आरोपी ने यह भी बताया कि ट्रक उसके भाई मोनू यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस अब मोनू यादव की भी संलिप्तता की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी सौरभ सिंह फरार हो गया है, और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹25,000 का इनाम घोषित कर दिया है।
तस्करी का पैटर्न और गिरोह की कार्यप्रणाली
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस गिरोह के सदस्य असम से बड़ी मात्रा में गांजा लाकर मऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह के सदस्य तस्करी से होने वाले मुनाफे को आपस में बांटते थे।
सूत्रों के मुताबिक, गांजा तस्करी का यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय है और इसमें कई लोग शामिल हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से असम, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से गांजा खरीदता है और उत्तर प्रदेश, बिहार तथा अन्य राज्यों में इसकी सप्लाई करता है।
गांजा तस्करी पर पुलिस की लगातार कार्रवाई
आज़मगढ़ में गांजे की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन तस्करी के मास्टरमाइंड तक पहुंचना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। तस्करों द्वारा लगातार नए-नए तरीकों से ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है, जिससे पुलिस को इन्हें पकड़ने में मुश्किलें हो रही हैं।
हालांकि, पुलिस की कड़ी निगरानी और प्रभावी रणनीतियों की वजह से कई मामलों में सफलता भी मिली है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस ऑपरेशन में सिधारी थाना प्रभारी शशि चंद्र चौधरी और SOG प्रभारी संजय कुमार की अहम भूमिका रही। पुलिस अब फरार आरोपी सौरभ सिंह की तलाश में दबिश दे रही है और मामले की गहन जांच जारी है।
पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। ड्रग तस्करी रोकने के लिए पुलिस और जनता के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है।
यह कार्रवाई आज़मगढ़ पुलिस और SOG की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे गांजा माफियाओं को कड़ा संदेश गया है कि पुलिस किसी भी हाल में नशीले पदार्थों की तस्करी को बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही, पुलिस प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जाए और इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।
इस ऑपरेशन से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन असल चुनौती अब मुख्य आरोपी और उसके साथियों को पकड़कर इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करना है।
