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“आजमगढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ का भव्य आयोजन, साहित्य और देशभक्ति का अद्भुत संगम”

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उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ एवं शालिनी साहित्य सृजन आजमगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में एक शाम शहीदों के नाम का आयोजन नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय प्रतिभा निकेतन एटलस टैंक आजमगढ के प्रांगण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमित कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष बार काउंसिल संगठन आजमगढ़ तथा मुख्य अतिथि डॉक्टर भक्त वत्सल वरिष्ठ चिकित्सक एवं विशिष्ट अतिथि डॉक्टर प्रवेश कुमार सिंह विभागाध्यक्ष हिंदी श्री दुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंदेश्वर आजमगढ़ एवं संजय पांडे मंडल संयोजक उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन आए हुए सभी अतिथियों द्वारा किया गया, तत्पश्चात संतोष कुमार पांडे गीतकार नें सरस्वती वंदना करके पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया।

भूतपूर्व सैनिक व शिक्षक श्री हरिहर पाठक को संस्था के द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सम्मानित किया गया, तत्पश्चात सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत व सम्मान तिलक व बैज अलंकरण के साथ सम्पन्न हुआ। पंडित हरिहर पाठक नें अपने विचार व्यक्त करते हुए इस सम्मान को अविस्मरणीय बताया और कहा कि “साहित्य जब सैनिक का सम्मान करता है तो माँ सरस्वती के साथ माँ दुर्गा का आशीर्वाद स्वत: प्राप्त हो जाता है।” मुख्य अतिथि डॉक्टर भक्त वत्सल ने अपने उद्बोधन में साहित्य को राष्ट्र संवर्धन का मापदंड बताया और कहा कि “जिस देश की साहित्य जितना ही समृद्ध होगा, वह देश उतना ही समृद्ध होगा।” कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अमित कुमार श्रीवास्तव ने साहित्य और देश भक्ति को एक दूसरे का पूरक बताया कहा कि “साहित्य के अंदर जब तक देश भक्ति की भावना नहीं होगी तब तक वह साहित्य पुष्ट नहीं हो सकता।”

विशिष्ट अतिथि डॉक्टर प्रवेश सिंह ने कविता और काव्य को राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया और कहा कि “काव्य वह अमृत कुंभ है, जिसका बूंद-बूंद राष्ट्र के उन्नति गाथा को अमृत्व प्रदान करता है।” इसके पश्चात द्वितीय सत्र में एक भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें मंडल संयोजक संजय पांडे ने ‘भारत मां के लालों नें वीर हिंद जवानों ने राह जो दिखाई है उस पर हमें चलना है’ सुना कर वातावरण में जोश भर दिया । जिला संयोजक विजेंद्र श्रीवास्तव करुण ने ‘जिसकी निशदिन सूरज अंबर चंद्र उतारे आरती जय भारती जय भारती मां भारती मां भारती’ सुनाकर सभा में उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। जिला अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दानिश ने ‘शफक का रंग जो दिलकश ओ खुशगवार है आज मशर की परचम तिरंगे से गुलजार है आज’ सुना कर लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना भर दी।

संगठन के मंत्री रत्नेश राय ने ‘कृतज्ञ राष्ट्र हस्तबद्ध कर रहा प्रणाम है, सूर्य चांद सा आकर जो सूरमा ललाम है’ सुनाकर देशभक्ति की भावना से सबको गदगद कर दिया, इसके पश्चात कार्यक्रम की सह-आयोजक श्रीमती शालिनी राय ने ‘लिखा है पत्र परिणिता ने कि जल्दी घर को आ जाओ, लगी श्रावण की वृष्टि है, जरा हमको भींगा जाओ’ सुना करके सीमा पर तैनात जवानों को घर के संवेदना से जोड़ दिया। कोषाध्यक्ष संतोष कुमार पांडे ने ‘अस्त हो अपकर्ष का उत्कर्ष ऊर्जित हर्ष हो ,प्रगति पथ पर अग्रसर अनवरत भारतवर्ष हो’ सुना कर माहौल को ऊर्जावान कर दिया।

इसके अतिरिक्त करीब दो दर्जन कवियों ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की जिसमें मुख्य रूप से पंडित हरिहर पाठक, श्रीमती आशा सिंह, रुद्रनाथ चौबे ‘रुद्र’, डॉ० मोनिका शर्मा, रूपेश प्रताप सिंह, राजकुमार आशीर्वाद, सुरेंद्र सिंह चांस, बृजवाला, गुलशन राय, कृष्ण मुरारी सिंह, जन्मेजय पाठक, संदीप गाँधी ‘निहाल’ आदित्य आज़मी, प्रेमलता राय, सुष्मिता सिंह, अनुपम पांडेय ‘अनहद’, बृजबाला इत्यादि अपनी रचनाओं से देर शाम तक श्रोताओं को बांधें रखा। कार्यक्रम में शालिनी साहित्य सृजन की अध्यक्ष प्रज्ञा राय, जिला संयोजक अनिल राय व ममता राय जी, अमरेंद्र कुमार राय, रमाकांत वर्मा, कृष्णमुरारी सिंह, अशोक कुमार यादव, मोहन प्रसाद गुप्ता, नागेंद्र यादव, रितेश कुमार पांडेय, सुशील, अजीत कुमार पांडेय इत्यादि की गरिमामयी उपस्थिति बनी रही।

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