महाकुंभ 2025 में मुसलमानों की एंट्री को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत की सनातन परंपरा में जिन मुसलमानों की आस्था है, वे महाकुंभ में आ सकते हैं और उनका स्वागत किया जाएगा। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गलत मानसिकता के साथ जो लोग कुंभ में आएंगे, उनकी ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ की भी व्यवस्था की गई है।
यह बातें उन्होंने शुक्रवार को एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहीं। सीएम योगी प्रयागराज के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे महाकुंभ की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कुंभ को लेकर अपने विचार साझा किए।
सनातन परंपरा में आस्था रखने वालों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, “महाकुंभ में वही लोग आएं जिनकी सनातन परंपराओं में आस्था है और जो अपने आप को भारतीय मानते हैं। जिन मुसलमानों को ऐसा लगता है कि उनके पूर्वजों ने दबाव में आकर इस्लाम को उपासना विधि के रूप में स्वीकार किया था, लेकिन वे आज भी सनातनी परंपरा में आस्था रखते हैं, उनका कुंभ में स्वागत है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मुसलमान जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं, वे प्रयागराज आकर संगम में परंपरागत तरीके से स्नान कर सकते हैं।
ऐतिहासिक गलतियों से सबक
योगी आदित्यनाथ ने इतिहास का संदर्भ देते हुए कहा कि विभाजन और विखंडन से केवल नुकसान हुआ है। “बंटेंगे तो कटेंगे” नारे के संदर्भ में उन्होंने कहा, “इतिहास इस बात का गवाह है कि जब भी हम विभाजित हुए हैं, तब हमने नुकसान उठाया है। अगर इतिहास की इन गलतियों से सबक लेंगे, तो कभी भी गुलामी की बेड़ियों में नहीं जकड़े जाएंगे।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकजुटता और अखंडता ही देश की प्रगति और सुरक्षा का मूल आधार है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और विरासत का प्रतीक है। यह उन मूल्यों को भी प्रदर्शित करता है जो विश्व को भारत की सहिष्णुता और समरसता का परिचय देते हैं। कुंभ में विविध धर्मों और समुदायों के लोग आकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। उन्होंने इस आयोजन को शांति और भाईचारे के एक अनोखे पर्व के रूप में परिभाषित किया।
विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री योगी ने इंटरव्यू में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन ने बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार किया था। उन्होंने कहा, “जो लोग स्वयं संविधान का गला घोंट चुके हैं, वे ही अब संविधान की प्रति लेकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान में जोड़े गए ‘सेक्युलर’ और ‘सोशलिस्ट’ शब्दों पर भी सवाल उठाए। “बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तुत संविधान की मूल प्रति में ये शब्द नहीं थे। लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने वाले अब लोकतंत्र के रक्षक बनने का दिखावा कर रहे हैं। लेकिन जनता इन्हें पहचान चुकी है और सबक सिखा रही है।”
महाकुंभ की तैयारियों का जायजा
प्रयागराज में अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कुंभ के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
महाकुंभ के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। नए पुल, सड़कें, और बिजली-पानी की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संगम क्षेत्र में विशेष स्नान घाटों का निर्माण किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार का कुंभ आधुनिक तकनीकी और प्राचीन परंपराओं का अद्वितीय संगम होगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
महाकुंभ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारतीय परंपरा और संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण है। “कुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है। यहां आकर लोग यह समझते हैं कि कैसे भारत ने हजारों वर्षों से अपनी विविधता में एकता को बनाए रखा है।” उन्होंने कहा कि यह आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महाकुंभ में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए। महिला हेल्प डेस्क और अलग से स्नान घाटों की व्यवस्था पर भी बल दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण
महाकुंभ में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबंधित करने और गंगा एवं यमुना नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालु अपने साथ गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प लें और इसे एक हरित कुंभ के रूप में मनाएं।
स्वच्छता और स्वास्थ सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कचरा प्रबंधन के लिए एक विशेष टीम बनाई जाए और नियमित अंतराल पर सफाई की जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आधुनिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे और एंबुलेंस सेवाओं की भी विशेष व्यवस्था होगी।
विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ 2025 केवल भारतीयों के लिए नहीं, बल्कि यह विश्वभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा। उन्होंने बताया कि लाखों विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु कुंभ में शामिल होते हैं, जिससे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक छवि का प्रचार-प्रसार होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस महायोजन में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और दुनिया को भारत की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ को एक यादगार और भव्य आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
