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महाकुंभ के पहले 10 जनवरी को आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, तैयारियां जोरों पर…

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प्रयागराज में महाकुंभ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित आगमन और तैयारियों का जायजा

प्रयागराज में अगले साल होने वाले महाकुंभ की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी क्रम में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राष्ट्रपति का प्रस्तावित कार्यक्रम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रयागराज आगमन की पुष्टि हो चुकी है। उनके इस कार्यक्रम में लगभग तीन घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान वे गंगा पूजन कर महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत करेंगी। गंगा पूजन का कार्यक्रम त्रिवेणी संगम पर आयोजित होगा, जो महाकुंभ की पवित्रता और इसकी परंपरा का प्रतीक है। इसके साथ ही, वे किले में स्थित पवित्र अक्षयवट का दर्शन करेंगी।

राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान प्रयागराज एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का लोकार्पण भी कर सकती हैं। यह टर्मिनल बिल्डिंग वर्तमान में अपने अंतिम चरण में है और ग्राउंड फ्लोर लगभग बनकर तैयार है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा, वे संविधान गैलरी समेत कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने की योजना में भी शामिल हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तैयारियों की समीक्षा

राष्ट्रपति के आगमन से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद प्रयागराज पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री शनिवार को प्रयागराज पहुंचेंगे और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति के कार्यक्रम को सफल बनाना और महाकुंभ की तैयारियों को तेज करना है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार महाकुंभ को एक विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि पिछले महीने दिसंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच बार प्रयागराज आ चुके हैं। इसके अलावा, 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रयागराज संगम का दौरा किया था। यह बताता है कि प्रयागराज और महाकुंभ राज्य और केंद्र सरकार के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।

अक्षयवट दर्शन: सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में किले में स्थित अक्षयवट का दर्शन भी शामिल है। अक्षयवट हिंदू धर्म में अटूट आस्था का प्रतीक है। यह वही स्थान है, जिसे अमरता और अडिगता का प्रतीक माना जाता है। गंगा पूजन के बाद अक्षयवट का दर्शन करना राष्ट्रपति की यात्रा को धार्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रयागराज में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। शहर में उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके अलावा, गंगा किनारे और किले के आसपास सफाई और सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रयागराज एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग

राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम में प्रयागराज एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है। यह टर्मिनल बिल्डिंग प्रयागराज के विकास को नई दिशा देगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि महाकुंभ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुगम हो जाएगी।

महाकुंभ: एक अद्वितीय आयोजन

महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। यह हर 12 वर्षों में प्रयागराज में आयोजित होता है। आगामी महाकुंभ के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर व्यापक तैयारियां कर रही हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाएं, और स्वच्छता प्रमुख पहलुओं में शामिल हैं।

निष्कर्ष

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रयागराज आगमन महाकुंभ की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज दौरे इस बात का प्रमाण हैं कि महाकुंभ को एक भव्य और सफल आयोजन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में इन तैयारियों का और भी विस्तार होने की संभावना है।

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