वाराणसी: नए साल की शुरुआत में श्रद्धालुओं का सैलाब बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा
वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नए साल के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आधी रात से ही लोग कतार में खड़े हैं। भीषण सर्दी के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। मंदिर परिसर में रेलिंग पूरी तरह भर चुकी है, और मंगला आरती के बाद दर्शन का सिलसिला जारी है। श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ की एक झलक पाने के लिए उत्साहित हैं।
पहले दिन 7.43 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नए साल के पहले दिन, बुधवार रात 11 बजे तक, 7 लाख 43 हजार 699 श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। मंदिर न्यास ने अनुमान लगाया था कि इस दौरान 7 से 8 लाख भक्त दर्शन के लिए पहुंचेंगे। सुबह से ही मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। सुबह 6 बजे तक 50-60 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जबकि परिसर में एक लाख से अधिक लोग कतार में थे।
पुजारियों ने विधि-विधान से किया श्रृंगार
सुबह मंदिर के पुजारी श्रीकांत मिश्रा ने पट खुलने के बाद विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का श्रृंगार किया। चंदन लेपन के बाद बाबा की आरती उतारी गई और फूल-माला अर्पित की गई। बाबा को प्रिय वस्तुएं समर्पित करते हुए षोडशोपचार विधि से उनका अभिषेक किया गया।
गंगा घाटों पर भी भक्तों की भीड़
मंदिर के साथ ही गंगा घाटों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्नान करने वालों की भीड़ सुबह से ही घाटों पर नजर आई। गंगा के शीतल जल में डुबकी लगाकर श्रद्धालु अपने नए साल की शुरुआत पवित्रता के साथ कर रहे हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र को पांच सेक्टर में विभाजित किया गया है। कुल 45 ड्यूटी पॉइंट बनाए गए हैं। कालभैरव मंदिर के आसपास 11 ड्यूटी पॉइंट, संकटमोचन मंदिर के पास 8 ड्यूटी पॉइंट, और अस्सी घाट पर अस्सी चौकी के तहत पुलिस तैनात है। बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में लंका थाने की पुलिस की तैनाती की गई है।
गंगा के आसपास जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल, और एनडीआरएफ के 11 जवान तैनात हैं। त्रिनेत्र जैसी निगरानी व्यवस्था के तहत ड्रोन कैमरे से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, पुलिस टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क हैं।
भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम
भक्तों की भारी भीड़ के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति भी बन रही है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य उपाय लागू किए हैं। विश्वनाथ धाम, कालभैरव मंदिर, संकटमोचन मंदिर, और बीएचयू के काशी विश्वनाथ मंदिर में तीन स्तरीय सुरक्षा लेयर बनाई गई है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं और सभी प्रमुख स्थानों पर मदद केंद्र स्थापित किए गए हैं। मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालु घाटों पर गंगा आरती में भी भाग ले रहे हैं। गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी में सुरक्षा घेरे का विस्तार
मंदिरों, पार्कों, सिनेमा हॉल, मॉल, और बाजारों में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही, वाराणसी आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष स्वागत केंद्र भी बनाए गए हैं।
श्रद्धालुओं का अनुभव
देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन को अविस्मरणीय बताया। राजस्थान से आई श्रद्धालु मीना देवी ने कहा, “यहां आकर अद्भुत शांति का अनुभव हो रहा है। बाबा के दर्शन ने हमारी साल की शुरुआत को खास बना दिया।” महाराष्ट्र से आए रमेश पाटिल ने कहा, “वाराणसी की भव्यता और गंगा की पवित्रता हमेशा मन को छू जाती है।”
पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी
सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों ने बताया कि भक्तों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। जल, नभ, और स्थल से पूरी वाराणसी की निगरानी की जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस टीमें तैनात हैं, जो किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं।
नए साल की उमंग और आस्था का संगम
वाराणसी मेंक ** नए साल के मौके पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यह शहर भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का केंद्र है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों की अपार आस्था और उत्साह ने इस पावन नगरी की अद्वितीयता को और भी उजागर किया।
