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49 साल बाद परिवार से मिली फूला देवी, आजमगढ़ पुलिस की सराहनीय पहल…

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49 साल बाद परिवार से मिली फूला देवी, आजमगढ़ पुलिस की सराहनीय पहल

आजमगढ़ पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक महिला को 49 साल बाद उसके परिवार से मिलाया। यह कहानी उस बच्ची की है, जो महज 8 साल की उम्र में अपने परिवार से बिछड़ गई थी और दशकों तक अपने घर लौटने की आस लगाए रही।
फूला देवी, जो अब 57 वर्ष की हैं, 1975 में मात्र 8 साल की थीं जब उन्हें एक बूढ़े व्यक्ति ने मिठाई का लालच देकर अगवा कर लिया। उस समय वह अपनी मां के साथ मुरादाबाद के एक मेले में गई थीं। बूढ़ा व्यक्ति उसे अपने साथ ले गया और कुछ समय बाद रामपुर के एक युवक लालता प्रसाद को बेच दिया।
लालता प्रसाद ने फूला देवी से शादी कर ली और उनके साथ एक बेटा सोमपाल हुआ, जो अब 34 साल का है। फूला देवी ने बताया कि शादी के बाद उनका जीवन सामान्य था, लेकिन अपने परिवार से बिछड़ने का दर्द हमेशा उनके साथ रहा।
फूला देवी रामपुर जिले के एक प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल, डॉक्टर पूजा रानी के घर में घरेलू काम करती थीं। एक दिन बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आपबीती प्रिंसिपल को बताई। डॉक्टर पूजा ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लिया और आजमगढ़ पुलिस से संपर्क किया।
एसपी हेमराज मीणा ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक टीम गठित की। पुलिस ने फूला देवी से उनके गांव के बारे में जानकारी ली। फूला देवी ने बताया कि उनके गांव में एक कुआं था, जो उनके घर के पास स्थित था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के चूंटीदार गांव में छानबीन शुरू की।
पुलिस को पता चला कि चूंटीदार गांव से 41 साल पहले एक लड़की लापता हुई थी। फूला देवी के तीन मामा में से एक, जो अभी जीवित हैं, ने इस बात की पुष्टि की कि उनकी भांजी गायब हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने फूला देवी के भाई लालधर से संपर्क किया, जो आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र में रहते हैं।
पुलिस ने परिवार से फूला देवी की पुरानी तस्वीरें लीं और उनका मिलान फूला देवी के साथ किया। परिवार ने फूला देवी को पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने फूला देवी को उनके परिजनों से मिलवाने की प्रक्रिया पूरी की।
24 दिसंबर को फूला देवी को उनके परिवार के पास ले जाया गया। दशकों बाद अपने परिवार को देखकर फूला देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने घरवालों से फिर मिल पाऊंगी। प्रिंसिपल मैडम और पुलिस प्रशासन की मदद से आज यह संभव हो पाया है। मैं बहुत खुश हूं।”
उनके बेटे सोमपाल ने भी इस पुनर्मिलन पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह उनकी मां के लिए एक नई शुरुआत है।
एसपी हेमराज मीणा ने डॉक्टर पूजा रानी की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उन्होंने पहल नहीं की होती तो शायद यह मामला कभी उजागर नहीं होता। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता ऐसे मानवीय कार्यों को अंजाम देना है।
डॉक्टर पूजा रानी ने कहा, “फूला देवी ने जब अपनी कहानी बताई तो मैं खुद को रोक नहीं पाई। मुझे खुशी है कि मैं उनकी मदद कर पाई।”

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