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आज़मगढ़ में मिली बिहार की लापता युवती , पुलिस बनी सहारा …

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आज़मगढ़।अतरौलिया पुलिस की सक्रियता से 15 दिनों से लापता मानसिक विक्षिप्त महिला को परिजनों से मिलाया

अतरौलिया पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से एक मानसिक विक्षिप्त महिला को उसके परिजनों से मिलवाया गया, जो 15 दिनों से लापता थी। यह घटना थाना क्षेत्र के थिरईपट्टी गांव के माता रानी मंदिर के पास घटी, जहां एक मानसिक विक्षिप्त महिला को देखकर स्थानीय लोग चिंता में पड़ गए। महिला नाम और पता बताने में असमर्थ थी और मंदिर में पूजा कर रही थी।

स्थानीय लोगों ने महिला को देख सहानुभूति जताई और उसे मंदिर में खाने और रहने की व्यवस्था कराई। साथ ही, उन्होंने डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही अतरौलिया थाने के उप निरीक्षक विनय यादव और कांस्टेबल गोविंद मौर्य मौके पर पहुंचे। उप निरीक्षक विनय यादव ने महिला के पास मौजूद एक छोटे मोबाइल फोन का उपयोग करके उसकी पहचान का पता लगाने की कोशिश की। उन्होंने महिला के परिजनों का संपर्क नंबर निकाला और उन्हें तत्काल सूचना दी।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला का नाम बबीता देवी है, जो बिहार के छपरा जिले के कटसा गांव की निवासी हैं। बबीता देवी करीब एक साल पहले अपने परिवार के साथ अंबेडकर नगर जिले के किछौछा स्थित दरगाह शरीफ में अपनी सलामती की दुआ करने आई थीं। एक लॉज में ठहरकर वह अपनी पूजा कर रही थीं, लेकिन अचानक वह गायब हो गईं। बबीता के परिवार ने काफी समय तक उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तब परिवार ने बसखारी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


बबीता के परिजनों को जैसे ही अतरौलिया पुलिस से सूचना मिली कि उनकी बेटी बबीता अतरौलिया के मंदिर में है, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस के सहयोग से बबीता को सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। परिवार ने पुलिस के इस सराहनीय कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
अतरौलिया पुलिस की इस सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने एक महिला को उसके परिवार से मिलवाकर समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है। स्थानीय लोग भी पुलिस के कार्यों की सराहना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी और घटनाओं में पुलिस का सहयोग इसी तरह प्रभावी रहेगा।

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