आज़मगढ़ :- एक युवक ने जब अपनी प्रेमिका के सगाई का स्टेटस देखा तो वो हैराज हो गया …कि आखिर उसके साथ ये क्या हो रहा है …जबकि कुछ दिन पहले ही तो उसके पिता भी मां गए शादी करने के लिए …फिर ऐसा क्या हो गया जिससे उसकी प्रेमिका उसे धोखा देना चाहती थी …ये देख वह सीधा उसके घर पहुँच जाता है , गनीमत ये रहती है कि उसके घर पर लड़की के अलावा कोई भी मौजूद नहीं था ….वो लड़की को पकड़कर जार – जार रोने लगता है , गिडगिडाने लगता है और कहता है कि रोज मैं -रोकर सोता हूं….और रोज थोड़ा थोड़ा मरता हूं…. वह लड़की को पकड़ कर बहुत रोता है …रोते रोते कहता है कि मैं अब रोज थोड़ा थोड़ा नहीं मरूंगा….. आज रात को पूरा मर जाऊंगा…. मैं मरूंगा तो मेरे पीछे मेरी मां बाप भाई बहन, पांच लोग मरेंगे….. मुझसे शादी करके पांच लोगों को बचा लो…..इसके बाद लड़की सीधा अपने पिता को फ़ोन लगा देती है …और फिर उसके बाद वो होता …जो किसी ने सोचा नहीं था …..नमस्कार – आदाब मेरा नाम वसीम है ..और cib क्राइम स्टोरी देख रहे हैं आप ….
आज कि सच्ची घटना है आज़मगढ़ जिले की ..तारीख थी 6 मई २०२४ …और दोपहर का वक़्त होता है ….जीयनपुर थाना क्षेत्र के टड़वा सैफुद्दीनपुर बासुपार निवासी पिंटू उर्फ संतोष जिसकी उम्र 35 वर्ष थी …..वह जीयनपुर कस्बा के आजादनगर नगर में इलेक्ट्रिक की दुकान पर मिस्त्री था…..सोमवार दोपहर बाद उसकी मां बदामी देवी ….जब उसके लिया खाना लेकर पहुंची तो गेट अंदर से बंद था….उसके बाद उसकी माँ कई बार आवाज़ लगाती है …फिर भी गेट नहीं खुलता है …ये देखकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो जाते हैं ….किसी तरह गेट खिलकर सब अन्दर जाते हैं .. कमरे का नजारा देखकर उसकी मां की चीख निकल जाती है …कमरे में वह युवक फांसी पर लटका मिलता है …. लोग इस घटना की सूचना जीयनपुर पुलिस को देते हैं …. पुलिस के ज़िम्मेदार फोरेंसिक टीम को भी बुला लेते हैं ….फोरेंसिक टीम के नमूना लेने के बाद जीयनपुर पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज देती है …इस घटना के बाद जो माजरा खुलकर आता है उसे सुनकर और देखकर सब हैरान हो जाते हैं कि प्यार और धोखे की जंग में कैसे एक लड़का अपनी ज़िन्दगी हार जाता है ..और कैसे उसका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है ….
दरअसल पिंटू उर्फ संतोष के दुकान के पास रहने वाली लड़की से पिंटू का 10 साल से अफेयर चल रहा था… एक दिन पिंटू को सुबह 4 बजे सूचना मिली कि जिस युवती से उसका अफेयर है….उस लड़की की सगाई किसी और से हो गई है…ये देखकर वह टूट जाता है …..इसके बाद पिंटू ने प्रेमिका से फोन करके शादी तोड़ने की बात कहता है ….पिंटू की प्रेमिका सगाई तोड़ने से साफ़ इनकार कर देती है …पिंटू बार-बार फोन करके प्रेमिका को मनाता रहा….. लेकिन वह नहीं पिघली ….प्रेमिका पिंटू से बोली, अब मैं किसी ओर से शादी करने जा रहीं हूं…..तूम मेरे लायक नहीं हो…. यह बात पिंटू के दिल में लग गई….
जब प्रेमिका नहीं मानी तो उसने सोमवार सुबह 5:00 फेसबुक पर अपने और प्रेमिका के रिश्ते को लेकर एक पोस्ट कर दिया और एक वीडियो डाल दिया….इसके बाद आजाद नगर में बन रहे हाजी नसीम के घर में जहां देख रेख करने के लिए रहता था….उसी मकान में फांसी लगाकर जान दे दी…जान देने से पहले उसने एक चिट्ठी लिखी …जिसे कानून की भाषा में सुसाइड नोट कहा जाता है …..सोमवार 6 मई २०२४ को सुबह 5 बजे वह युवक एक पोस्ट डालता है ….फिर फांसी लगाकर अपनी जान दे देता है ….वह युवक ने फेसबुक पर लिखता है कि – मैं एक महीने से …उसके लिए बहुत परेशान हूं….न दुकान अपनी खोल रहा हूं…. न अपने घर जा रहा हूं ….और ना खाना खा रहा हूं…. जब से सगाई कर के आई हैं…. मैं रोज रो-रोकर सोता हूं, और रोज थोड़ा थोड़ा मरता हूं…..
युवक आगे लिखता है कि मैं कल शाम को अपनी प्रेमिका के घर उससे मिलने गया था….उसकी मौसी नहीं थी…..मैं उसको पकड़ कर बहुत रोया…… रोते रोते कहां मैं अब रोज थोड़ा थोड़ा नहीं मरूंगा…. आज रात को पूरा मर जाऊंगा…. मैं मरूंगा तो मेरे पीछे मेरी मां बाप भाई बहन, पांच लोग मरेंगे। मुझसे शादी करके पांच लोगों को बचा लो….
प्रेमिका ने मेरी बात नहीं मानी अपने पापा के पास फोन लगा दिया ….और कहने लगी यहीं पर सोए हैं… मरने को बोल रहे हैं…..मोबाइल हेंड फ्री था….. उसके पापा ने मुझको बहुत गाली दी….. पुलिस को बुलाने को बोल रहे थे…. मैं पुलिस के डर से उसके घर से कल शाम को 7 बजे पीछे के दरवाजे से भाग गया…..मेरा मोबाइल बंद था…. मुझको नींद नहीं आ रही थीं…. जब जब मोबाइल खोलता था….तब कभी उसके मौसा, कभी उसकी मौसी, का फोन आता था…. रात भर यह सब मुझको परेशान करते रहे….इन लोगों ने मरने पर मजबूर किया….लड़का यहीं नहीं रुकता वह एक एक राज से पर्दा उठाते हुए आगे किह्ता है कि कुछ दिन पहले मैं उसको दो बार बिहार पेपर दिलाने लेकर गया था……तब उस समय ना उसके पापा का फोन आता था….ना उसके मौसा – मौसी का….. युवती के स्कूल पर…. जहां ओ पढ़ती हैं…. किसी भी टीचर से पूछिए मैं कितना बार उसके स्कूल उसको स्कूटी से पहुंचाता था….. और लाता था….सब टीचर मुझको जानते थे… लेकिन उसके घर वालों को क्यों नज़र नही आया मेरा प्यार….
हम दोनों का प्यार इतना गहरा हो गया था कि एक दिन मेरी प्रेमिका ने अपने पापा से कह दिया था कि मैं पिंटू से शादी करना चाहती हूं….उसके पापा बाराबंकी से आए मुझसे बात किए शादी के लिए मैं तैयार हो गया…. फिर उसके पापा चले गए। सब कुछ ठीक चलता रहा….हम दोनों बहुत खुश थे….उसके साथ मैं पूरे जीयनपुर में बदनाम हो चुका था …… फिर अचानक प्रेमिका ने मुझसे बात करना कुछ कम कर दिया ….उसके व्यहार में बदलाव आ गया …मेरा नम्बर भी ब्लॉक कर दिया …शादी करने को बोलता था, तो बोलती थी कि नौकरी पा लुंगी तो करूंगी….
एक दिन उसके मौसा के लड़के ने ….फेसबुक पर मेरी प्रेमिका की सगाई का स्टेटस लगाया था…..यह देखकर मैं दंग रह गया……. मैं उसको अपना प्यार समझता था…..मेरी तो उसके पीछे मेरी जिंदगी बर्बाद हो चूंकि थी….मैं क्या करता…इसके बाद वो हुआ जो किसी ने सोचा नहीं था …पिंटू ने प्यार के लिए अपनी जान दे दी …लेकिन जान देकर उसे क्या मिला ..क्या उसका प्यार उसे हासिल हो गया …जवाब है बिलकुल नहीं …अक्सर लोग प्यार में इस तरह फेल होने पर अपनी ज़िन्दगी दांव पर लगा देते हैं …और पीछे छोड़ देते हैं अपना रोता बिलखता परिवार …जैसे पिंटू ने छोड़ दिया …
पिंटू दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था….. जो अपने परिवार की दुकान से आजीविका चलाने का कार्य करता था….उसके वृद्ध पिता चंद्रशेखर और माता बदामी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है ….वहीं बहन का हाल भी कुछ ऐसा ही है …वहीं परिवार और गांव में मातम पसरा है …किसी ने सच ही कहा है कि ओये राजू प्यार न करियों – करियो …दिल टूट जाता है ….अपनों का साथ छूट जाता है ..
