आज़मगढ़ :- अहरौला थाना क्षेत्र के एक किसान की सप्ताह भर में दो भैसों की मौत हो जाने से नाराज किसान और पशुपालकों ने राजकीय पशु चिकित्सालय अहरौला पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पशु चिकित्सा अधिकारी और उनके लापरवाह स्टाफ के चलते मेरी 2 भैंसों की मौत हो गयी . इस घटना अमे किसान ने बताया कि उनका लगभग 2 लाख का नुक्सान हो गया है ..पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि बीमार भैंसों के इलाज के लिए मैंने राजकीय पशु चिकित्सालय , पशु चिकित्सा अधिकारी के चक्कर लगाया , लेकिन लापरवाही से मेरी भैंसों की मौत हुई है और मेरा बड़ा नुक्सान हुआ है ..
धरने पर बैठे किसानों के धरने प्रदर्शन की सूचना उच्च अधिकारियों को भी दी गयी ….बताते चलें बनरहियां गांवके पशुपालक किसान कन्हैया सिंह ने बहुत सारे दुधारू पशुओं का पालन किया है ….कन्हैया सिंह ने बताया की एक हफ्ता पहले ईलाज के अभाव में उनकी लगभग सवा लाख कीमत की भैंस बीमारी के चलते मर गई ……उसके बाद बुधवार को एक दूसरी भैंस की तबीयत अचानक खराब हो गई…. उसके ईलाज के लिए भी हम कई बार दौड़कर राजकीय पशु चिकित्सालय पर मौजूद प्रभारी डॉक्टर से मिले…. और भैंस के इलाज के लिए उनसे गुहार लगाई…. लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे …….पशु चिकित्सालय पर लापरवाही का आरोप लगाया लापरवाही से एक सप्ताह में दो भैंसों की मौत हो गई…
किसानों का कहना है राजकीय पशु चिकित्सालय अहरौला से पशुपालक किसानों को कोई सुविधा नहीं मिलती …यहां तक की समय-समय पर लगाए जाने वाला टीका भी ….किसानों को पैसा देकर लगवाना पड़ता है…. अगर कोई पशु पालक किसान के पास कोई स्टाफ भेजा जाता है ….तो मेडिकलस्टोर से दवा लेनी पड़ती है …. और इलाज की फीस भी देनी पड़ती हैं….. ऐसे में राजकीय पशु चिकित्सालय का होने का क्या मतलब है …..पशुपालक किसानों ने यहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाये ….और कार्रवाई की मांग की है …
