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जाति-धर्म भूल, प्रयास खिचड़ी भोज ने जगाई समरसता की अलख

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प्रयास सामाजिक के बैनर तले आयोजित हुआ वृहद समरसता खिचड़ी भोज


आजमगढ़। ’’भूखा पेट न जानता क्या है धर्म-अधर्म, बेच देते संतान तक भूख न जाने शर्म’’ प्रयास सामाजिक संगठन की ओर से वृहद समरसता खिचड़ी भोज का आयोजन बुधवार को बेलइसा सब्जी मंडी परिसर में किया गया। यह भोज कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू हुआ जो दोपहर तक जारी रहा। मुख्य अतिथि के रूप पहुंचे मंडी सचिव सभानंद तिवारी ने प्रयास के कार्यो की सराहना करते हुए ऐसे आयोजन को सामाजिक हित में आवश्यक बताया और अपने हाथों से लोगों के थाली में खिचड़ी भी परोसा। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने एक साथ खिचड़ी भोज का आनंद उठाते हुए भाईचारगी का पैगाम दिया।
प्रयास समाजिक संगठन के प्रमुख रणजीत सिंह ने कहाकि कोई भी व्यक्ति जिसका पेट  भूखा हो तो वह नहीं जानता है कि धर्म क्या है, जाति क्या है। प्रयास संगठन सदैव समाज के शोषित पीड़ित, वंचित वर्ग के लिए काम करता है और आज समाज में समरसता कायम करने के लिए जाति-पाति का भेदभाव, धर्म संप्रदाय का भेदभाव मिटाने के लिए समरसता खिचड़ी भोज का आयोजन किया। जिसके अंतर्गत धर्म जाति संप्रदाय की दीवारों को तोड़ते हुए करीब 1500 लोगों ने खिचड़ी भोज का आनंद लिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने कहाकि इस खिचड़ी भोज के माध्यम से समाज में जातिवाद, धर्मवाद, छुआछुत, ऊंचनीच की कुरीतियों को दूर कर समाज में समरसता लाने हेतु यह प्रयास किया गया है। राणा बलवीर सिंह ने कहाकि सामाजिक समरसता भोज का आयोजन प्रयास कई वर्षो करती चली आ रही है, ऐसे आयोजन में समाज के सभी वर्गो को आगे आकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करना चाहिए।
इस अवसर पर राणा बलवीर सिंह, सुषमा प्रजापति, फल मंडी से भरत सोनकर, संतोष सोनकर, राजेश सोनकर, सब्जी मंडी से राजेश सिंह, छोटे कैलाश, पिंटू प्रजापति, आदित्य आजमी, इंजी सुनील यादव, अंगद साहनी, शिवप्रसाद पाठक, शंभुदयाल, प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, महेंद्र यादव, राजीव शर्मा, इंजी अमित यादव, हरिश्चंद्र, ओम नरायण श्रीवास्तव सहित तमाम कृषक, आढती, ठेला चालक, पल्लेदार, मजदूर आदि लोगों ने खिचड़ी भोज का आनंद लिया।

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