आज़मगढ़ जिले के नगर पंचायत अतरौलिया से है , जहाँ मोमिनपुरा टोला में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मदीना मस्जिद की संगे बुनियाद रखी गयी … इस ख़ास मौके पर एक दीनी जलसे का शानदार प्रोग्राम भी आयोजित किया गया ..इस मस्जिद को बनवाने में क्षेत्र के तमाम लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया . वहीँ इस मस्जिद को बनवाने में लगातार प्रयासरत रहने वाले समाजसेवी , व पत्रकार हाजी रज्जाक अंसारी का 2 अक्टूबर को अचानक निधन हो जाने से क्षेत्र के लोगों में गहरी निराशा हो गयी थी ..क्योंकि उन्ही के देख रेख में हर काम को अंजाम दिया जा रहा था …इतने बड़े अघात को सहते हुए , उनके परिवार सहित क्षेत्र के सभी लोगों ने मिलजुलकर उनके अधूरे काम को पूरा करने में जुट गए ….7 अक्टूबर को शाम को असर की नमाज़ अदा करने के बाद मदीना मस्जिद की संगे बुनियाद रखी गयी …जिसे जलालपुर के हाजी रियाज अहमद और मुफ़्ती मौलाना अबरार साहब ने रखी ..जिसमे इलाके के सभी लोगों ने हिस्सा लिया …बता दें कि स्व. हाजी अब्दुल रज्जाक साहब का ये ख्वाब था कि मोमिनपुरा में भी एक मस्जिद बने .. जब उन्होंने ने इसकी चर्चा किया तो क्षेत्र के लोगों ने भी उनके प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाते हुए अपनी हामी भरी ..इसके बाद तो हाजी रज्जाक अंसारी रात दिन जुटकर इस मस्जिद को बनवाने के लिए जुट गए ..उन्होंने 7 अक्टूबर का दिन भी मुक़र्रर कर दिया है ..लेकिन दुर्भाग्यवश उनका निधन बीते 2 अक्टूबर को हो गया …मदीना मस्जिद रज्जाक अंसारी का ख्वाब भी था , जिसे वह पूरा करना चाहते थे , लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था …बहरहाल अब मस्जिद की संगे बुनियाद पड़ चुकी है …और जल्द ही ये बनकर तैयार होगी .वहीँ शाम को दीनी जलसे में खिताब करते हुए मौलाना अब्दुल बारी नईमी ने सभी मुसलामानों से मस्जिद की तामीर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील किया .. वहीँ लोगों में इस बात की भी चर्चा हो रही थी कि अब अतरौलिया में दूसरा रज्जाक अंसारी तो पैदा नहीं हो सकता जो सबके दुःख – सुख में बराबर शरीक रहते थे ..उन्होंने सभी के लिए मदीना मस्जिद का ख्वाब देखा था …आज बेशक वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन हम सब मिलकर उनके सपने को पूरा करेंगे और मदीना मस्जिद को बनवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे .. वहीँ जलसे में दूरदराज से आए आए हुए नात ख्वानों ने पूरे महफ़िल में शमा बाँध दिया ..
