Breaking News

आजमगढ़ : पेरियार ललई सिंह के साहित्य और संविधान पर हुई चर्चा

Spread the love


आजमगढ़। मंडल आर्मी के तत्वावधान में संविधान दिवस के मौके पर एक ’संविधान और पेरियार ललई सिंह के चिंतन’ साहित्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। संविधान की प्रस्तावना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर चौथीराम यादव  व संचालन विमला यादव ने किया। इस मौके पर उपस्थित जनों को संविधान के प्रस्तावना का संकल्प दिलाया।
प्रोफेसर चौथी राम यादव ने कहा कि संविधान ही समतामूलक राष्ट्रनिर्माण कर सकता है। मनुष्य और बंधुता का निर्माण करता है। पेरियार ललई सिंह ने इसी भावना को आगे बढ़ाया। उन्होंने हिंदी में जो साहित्य लिखा वह हिंदी नवजगर की मूल्य निधि है।
विधायक आलम बदी आजमी ने कहाकि आज संविधान की देन है कि हम मनुष्य के रूप में गरिमा प्राप्त कर सके। डॉ अंबेडकर हम सबके संविधान नायक है। पेरियार ललई सिंह के बारे में कल जाना हूं। उन्होंने सच्ची रामायण की बात किया मैं रामायण तो पढ़ा।
जिपं अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान कितनी त्याग और तपस्या के साथ लिखा, उसको आज संरक्षित और बचाने की जरूरत है। संविधान की देन है कि हम सब आगे बढ़ रहे हैं। आज उस पर खतरा है। उसे बचाने की जरूरत है।
कंचना यादव जेनयू ने कहा कि पेरियार ललई सिंह सोल्जर थे। उन्होंने सिपाही की जिससे ब्रिटिश सम्राज्य के खिलाफ क्रांति हुई। वे पूर्ण स्वराज की माँग करते हैं। पेरियार ललई सिंह के चिंतन से हमें न्याय और बंधुता की ओर प्रेरित होते हैं, वे सेना में ऊँच-नीच की भावना के खिलाफ लड़े। वे सिपाही की तबाही नाम कृति में ब्रिटिश सम्राज्य के खिलाफ लड़े नौ महीने जेल में रहे 41 दिनों की लंबी भूख हड़ताल किए।
लक्ष्मण यादव ने कहा कि संविधान अब नाम मात्र का बचा है। यह सामाजिक न्याय कि लड़ाई हाल के बाहर जानी चाहिए। राजीव रत्न मौर्य मैं संविधान दिवस पर बाबा साहब डॉ अंबेडकर और पेरियार ललई सिंह की स्मृति को नमन करता हूँ। उनकी वैचारिकी ही हमारी मुक्ति का आधार है, उसे हमें गाँव-गाँव फैलाना चाहिए।
सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए विमला यादव ने कहा कि हम सामाजिक न्याय की लड़ाई को इस हाल से बाहर गाँव-गांव तक ले जायेगें और अब यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
इस मौके पर प्रो. चौथीराम यादव बीएचयू, कंचना यादव रिसर्च स्कालर जेएनयू, राजीव रतन मौर्य संपादक अम्बेडकर टूडे, अनिरूद्ध सिंह विद्रोही, धर्मवीर यादव गगन, विमला यादव एडवोकेट, प्रो. लक्ष्मण यादव, हरिकेश महाप्रधान, सतीश एड., मनोज, संदीप, कमलेश, चांदनी आनन्द, निशा यादव, सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial