आजमगढ़। राष्ट्रकवि पद्म भूषण मैथिलीशरण गुप्त जी की जयंती पर जिले की अग्रणी साहित्यिक संस्था “साहित्यानुरागी” ने उनकी महान काव्य रचनाओं ने याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं से संपूर्ण राष्ट्र में देशभक्ति की भावना का संचार किया। हिंदी साहित्य जगत में उनकी कालजयी रचनायें सदैव प्रेरणा देती रहेंगी। संस्था ने आगामी हिंदी दिवस को मनाने के लिए तैयारियां के लिए मैथिली शरण गुप्त की जयंती पर बुधवार की शाम एक बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष डॉ मनीषा मिश्रा ने किया। बैठक में उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त को उनकी जयंती पर याद करते हुए उनकी कालजयी रचनाओं पर अपने विचार व्यक्त किया।
अध्यक्ष डॉ मनीषा मिश्रा ने आगामी हिंदी दिवस 14 सितंबर के लिए संस्था के प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम सत्र में इस बार संस्था द्वारा प्रकाशित जिले की नवोदित महिला रचनाकारों के कविताओं का संकलन “छोटे शहर की बड़ी काव्य सम्भावनाये” का विमोचन होगा। उन्होंने इसका कवर पेज भी जारी किया। कवर पेज पर सभी 25 महिला रचनाकारों के फोटो को सयोजित कियॉ गया है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर “हिंदी भाषा एवम साहित्य पर संचार माध्यमों का प्रभाव” विषयक साहित्यिक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है। द्वितीय सत्र में काव्य संग्रह में समाहित महिला रचनाकारों का काव्य पाठ होगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की तैयारियों के संस्था की संचालन समिति ने अपने अपने विचार रखे। जिसमे अतिथियों के नाम का चयन और अन्य व्यवस्थाओ के लिए अपनी राय दी।
इस अवसर पर विजेन्द्र श्रीवास्तव विदुषी अस्थाना देवेंद्र तिवारी,रविन्द्र अस्थाना, शिखा मौर्य,डॉ पूनम तिवारी प्रीति गिरि अंशू अस्थाना, इन्दु श्रीवास्तव,प्रतिभा श्रीवास्तव, आदि लोग मौजूद रहे।
