17 July 2015 को कबीर खान की एक फिल्म आई थी बजरंगी भाई जान , जिसमे फिल्म के हीरो सलमान खान ने मुन्नी को उसके वतन वापसी में मदद करते हैं और पूरी दुनिया में बजरंगी भाई जान मशहूर हो जाते हैं . आज की कहानी में हम असली बजरंगी भाई जान के बारे में बात करेंगे , जिन्होंने एक नहीं , दो नहीं , बल्कि सैकड़ों मजबूर लोगों वतन वापसी करवाई है जो विदेशों में जाकर फंस जाते हैं . बजरंगी भाई जान का असली नाम है , सय्यद आबिद हुसैन , जो मूलतः अम्बेडकरनगर जिले के रहने वाले हैं . काम – काज की तलाश में सय्यद आबिद हुसैन मध्य प्रदेश के भोपाल गए और वहीँ के होकर रह गए .
शायद ही कोई दिन अछूता हो जब बजरंगी भाई जान किसी अखबार के कालम में न दिखाते हों , किसी चैनल पर न दिखते हों . काफी मिलनसार स्वभाव के सय्यद आबिद हुसैन को जैसे ही किसी के फंसे होने की जानकारी होती है , तो सारी जानकारी इकट्ठा करने के बाद , विदेशों में मौजूद भारतीय दूतावास से संपर्क साधते हैं . इसके बाद उस व्यक्ति के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाती है और सभी प्रक्रियाओं के पूरा होते ही शुरू होता है वतन वापसी का सिलसिला .. सय्यद आबिद हुसैन को इसमें विदेश मंत्रालय का भी भरपूर सहयोग मिलता है . वो बताते हैं कि जब पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी ज़िंदा थीं तो आउट ऑफ़ वे जाकर लोगों की मदद करती थीं .
हाल ही में सय्यद आबिद हुसैन को आजमगढ़ निवासी जीतेंद्र चौहान का केस भी मिला है , जो इस वक़्त चर्चा का विषय बना हुआ है.जीतेंद्र अपनी गरीबी को मिटाने आबू धाबी गया और एक साल के बाद ही उसे परेशान किया जाने लगा , बकौल उसके माँ – बाप आबू धाबी में उसकी कंपनी में बिहार के कुछ लोग उसे प्रताड़ित करते रहते थे , जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया .इसके बाद आजमगढ़ cib india news agency के पत्रकार वसीम अकरम जब इस घटना का जिक्र सय्यद आबिद हुसैन से किया तो बजरंगी भाई जान तुरंत हारकर में आ गए और आबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास से कुछ जानकारी भी मिली है . अब सबको इंतज़ार है जीतेंद्र के ठीक होकर वतन वापसी का .
जीतेंद्र जैसे सैकड़ों नौजवानों को सय्यद आबिद हुसैन मुश्किलों से निकालकर उनके वतन वापसी में मदद करते हैं . वतन वापसी करने के बाद कुछ लोग उनसे मिलाने भोपाल तक भी गए , ज़्यादातर भूल जाते हैं देश वापस आने पर , कुछ लोग एअरपोर्ट से विडिओ बनाकर आभार जताकर अपने घर चले जाते हैं . फिर पलट कर कभी उनका फ़ोन भी नहीं आता . लेकिन इन सब बातों से रियल लाइफ के इस हीरो , यानि की बजरंगी भाईजान को कोई फर्क नहीं पड़ता है . वह फिर से अपने काम में लग जाता है , क्योंकि कोई और मदद के लिए खदा है कि कब्ब बजरंगी भाईजान उसे मुश्किलों से निकालकर वतन वापसी कराते हैं …..
सय्यद आबिद हुसैन ने बताया कि काफी अरसे पहले एक बांग्लादेशी बच्चे के वतन वापसी के लिए मुहीम शुरू किया . फिर उन्होंने सोचा कि क्यों न ऐसे लोगों की मदद की जाए . इसी दौरान सरबजीत जो पाकिस्तानी जेल में बंद थे , इस वाकये ने भी उनको प्रभावित किया . ऐसा करते करते बजरंगी भाई जान आज देश और दुनिया में मशहूर हो गए . कोई उन्हें जब बजरंगी भाईजान बोलता है तो उनके चेहरे पर सुकून की मुस्कान बिखर जाती है . हालाँकि उन्हें बहुत सारे सम्मान भी उन्के इन्ही सेवाओं के लिए उन्हें मिला है , वो कहते हैं कि मैं ये सब सम्मान के लिए नहीं , बल्कि अपना फर्ज समझ कर करता हूँ .
जब हमने बजरंगी भाई जान से पूछा कि लोग क्यों विदेश जाना चाहते हैं , और जाकर क्यों फंस जाते हैं , और इन मुसीबतों से बचने का तरीका क्या है . इस पर सय्यद आबिद हुसैन ने जो कहा , उसे अभी को सुनना चाहिए .
सय्यद आबिद हुसैन का ये काम निश्चित तौर पर बेमिसाल है . एक बार ज़रा सोचकर देखिये जिनके परिवार का व्यक्ति फंसा रहता है , एजेंटों के धोखे का शिकार हो जाता है , उन्हें जब मुश्किलों से बजरंगी भाईजान निजात दिलाते हैं तो न जाने कितने लोगों की दुआएं सय्यद आबिद हुसैन के लिए निकलती ही , और बजरंगी और म्हणत से लग जाते हैं किसी और को बचाने , क्योंकि मैंन ऑन मिशन है ……बजरंगी भाई जान को हमारी तरफ से ढेर साड़ी शुभकामनाये /
