आजमगढ़ में लोकसभा उप चुनाव 23 जून को होने हैं और इसके परिणाम भी 26 जून को आ जायेंगे . आज नामांकन प्रक्रिया के दौरान बसपा प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली अपना नामांकन करने पहुँचे . इस दौरान शाह आलम उर्फ़ गुड्डू जमाली के साथ बसपा के कई नेता मौजूद रहे . बताते चलें कि विधानसभा चुन्नाव २०२२ के ठीक पहले जमाली ने बसपा का दामन छोड़कर aimim से चुनाव लड़ा था , जिसमे उनकी शिकस्त हुई थी . उसके बाद उन्होंने फिर घर वापसी किया और घर वापसी के वक़्त ही बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें अपनी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया . तबसे लेकर गुड्डू जमाली रात दिन मैदान में हैं . लोगों से लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं , ताकि वह अपनी जीत का परचम फहरा सकें .
अखिलेश यादव के करहल विधानसभा से विधायक बनने के बाद उन्होंने आजमगढ़ सदर लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और विधानसभा उत्तर प्रदेश में न्न्न्नेता प्रतिपक्ष बने . अब इसी लोकसभा सीट पर उप चुनाव होने हैं , जिसमे भाजपा और सपा को इस बार गुड्डू जमाली कड़ी टक्कर देने जा रहे हैं . वो दवा करते हैं इस बार जनता मायावाती जी को देखकर और मैंने जो कुछ भी किया है अब तक की राजनीति में वह जनता के लिए किया है , मेरी उन सेवाओं और समर्पण को देखकर मुझे लगता है जनता इस बार मुझे ज़रूर मौक़ा देगी , क्योंकि यहाँ से बड़े – बड़े नेता चुनाव जीतकर गए ,लेकिन कभी आजमगढ़ के लोगों के विकास के बारे में , कभी उनके परेशानी , दुःख –दर्द में कोई नहीं खड़ा हुआ . इसलिए अबकी बार जनता ने भी अपना सांसद किसी स्थान्नीय को चुनने का मन बना लिया है .
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में बसपा प्रत्याशी ने कहाकि इस बार कोई भ्रम नहीं है . अल्पसंख्यक समुदाय को अब समझ में आ गया है कि सपा ने मुसलामानों को भाजपा का दुश्मन बना दिया है . उन्होंने इशारों – इशारों में सपा सुप्रीमों पर जमकर हमला बोलते हुए कहाकि सीएम पद की शपथ आप लें और भाजपा का दुश्मन मुस्लिम समाज को बनाएं , लोग अब आपके बारे में जान गएँ हैं . मुख्यमंत्री तो छोड़ दीजिये अब आप प्रधानी भी जीतने के लायक नहीं बचेंगे . साथ ही उन्होंने दावा किया कि २०२७ में बसपा की सरकार बनना तय है उसकी शुरुआत इस उपचुनाव से हो जायेगी .
अपने जीत की संभावनाओं को लेकर बसपा प्रत्याशी ने कहाकि मैंने कभी जाति – धर्म की राजनीति नहीं की. मैंने हमेशा कमजोर और गरीब तबके के लोगों के बारे में सोचा है . मेरे लिए इंसानियत से बढ़कर कुछ भी नहीं है . मीडिया कर्मियों से उन्होंने कहाकि जब ज़रुरत पड़ी मैंने कोई विधानसभा नहीं देखी , बस लोगों की दर्द को देखा , उनके साथ खड़ा रहा . मुझे पूरा भरोसा है कि जनता काम करने वाले मेरे जैसे व्यक्ति को इस बार चुनने जा रही है , ताकि कुछ काम हो , बातें तो बहुत हो चुकी . लोग आये आपने जिताया और वो आपको छोड़कर चले गए .
